पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले के खरेंगा गांव में अवैध रेत उत्खनन का एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। महानदी किनारे स्थित प्रतिबंधित श्मशान घाट में कथित तौर पर रेत माफियाओं द्वारा लगातार की जा रही खुदाई के दौरान करीब 10 मानव कंकाल बाहर निकल आए। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जिस स्थान से रेत निकाली जा रही थी वह गांव का श्मशान घाट है, जहां दाह संस्कार और दफन की प्रक्रिया होती है। आरोप है कि रेत माफिया लंबे समय से मशीनों और भारी वाहनों के जरिए यहां अवैध उत्खनन कर रहे थे। खुदाई इतनी गहरी कर दी गई कि जमीन में दफन मानव अवशेष बाहर आने लगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर निकले कंकालों में कुछ हाल ही में दफनाए गए लोगों के भी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दुर्गंध फैल गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि श्मशान घाट की खुदाई से ग्रामीणों की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।
“प्रतिबंधित क्षेत्र में चल रहा था अवैध खनन”
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम विकास समिति की ओर से इस क्षेत्र में पहले ही खनन पर रोक लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद रेत माफिया लगातार यहां सक्रिय रहे। ग्रामीणों का दावा है कि दूसरे गांवों की रॉयल्टी का इस्तेमाल कर खरेंगा के प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत निकाली जा रही थी, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।
मामले की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेत से भरे कई वाहनों को रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद खनिज विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद होते गए।
15 - 20 दिनों से लगातार हो रहा था उत्खनन
वही सूत्रों कि मानें तो ग्राम खरेंगा की सरपंच नीलम साहू ने बताया कि श्मशान घाट वाले प्रतिबंधित क्षेत्र से लगातार रेत निकाली जा रही थी और अब तक करीब 10 कंकाल बाहर निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गांव में मुनादी कराकर खनन बंद करने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन रेत माफियाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
सरपंच के अनुसार, पिछले 15 से 20 दिनों से माफिया रात और सुबह के समय मौके पर पहुंचते थे और ग्रामीणों के पहुंचने से पहले रेत लेकर फरार हो जाते थे। लगातार खुदाई के कारण अब श्मशान घाट में अंतिम संस्कार और दफनाने के लिए जगह की समस्या भी पैदा हो गई है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगह को इस तरह नुकसान नहीं पहुंचता। गांव वालों ने अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने और श्मशान घाट क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करने की मांग की है। सरपंच नीलम साहू ने कहा है कि मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की जाएगी, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।

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