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बंगाल में भाजपा नेता के पीए की हत्या पर अरुण साव का हमला, बंगाल में गरमाई सियासत
राजनीति

बंगाल में भाजपा नेता के पीए की हत्या पर अरुण साव का हमला, बंगाल में गरमाई सियासत

07 May 2026 774 Views Public Swar
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पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गुरुवार को राजनीतिक, प्रशासनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या से लेकर छत्तीसगढ़ में हालिया प्रशासनिक फेरबदल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’, सुशासन तिहार और NSUI के आंदोलन तक, साव ने विपक्षी दलों और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे बयान दिए।

बंगाल की कानून व्यवस्था पर घेरा

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा और गुंडागर्दी बढ़ी है। साव ने दावा किया कि बंगाल में लोकतांत्रिक माहौल कमजोर हुआ है और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।” साव के बयान को भाजपा की उस राजनीतिक लाइन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें बंगाल की कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा लगातार बड़ा मुद्दा रही है।

ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ दलों का ध्यान संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से ज्यादा सत्ता बचाने पर केंद्रित रहता है। उन्होंने इसे “सत्ता लोलुपता” की राजनीति करार दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा लगातार बंगाल सरकार को कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर घेरने की रणनीति पर काम कर रही है और अरुण साव का बयान उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया सैन्य शक्ति का प्रतीक

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूरे होने पर अरुण साव ने भारतीय सेना और केंद्र सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय आतंकियों के नेटवर्क को प्रभावी जवाब दिया गया।

साव ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि देश अपनी सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने सेना की बहादुरी और शौर्य को नमन किया।

प्रशासनिक फेरबदल पर दी सफाई

छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल और IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक जरूरतों और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

साव ने कहा कि सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और जमीनी स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में एक साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों और जिलों में बदलाव किए हैं, जिसे सत्ता और प्रशासन दोनों स्तरों पर बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

‘सुशासन तिहार’ को बताया जवाबदेही का अभियान

उप मुख्यमंत्री ने ‘सुशासन तिहार’ को सरकार और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि मंत्री और अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर समाधान करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि प्रशासनिक कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना भी है। सरकार इसे जनसंपर्क और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम पहल मान रही है।

NSUI के आंदोलन पर उठाए सवाल

NSUI द्वारा प्रस्तावित सीएम हाउस घेराव को लेकर भी अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “यह संगठन क्या करता है, यह जनता अच्छी तरह जानती है।” साव ने आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाते हुए संकेत दिए कि विपक्ष केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए ऐसे प्रदर्शन कर रहा है। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो आने वाले समय में राज्य में छात्र राजनीति और युवा संगठनों की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।

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