पब्लिक स्वर,नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की कथित “कॉकरोच” टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े ऑनलाइन मूवमेंट का रूप ले चुका है। इसी विवाद के बीच बनाई गई ‘Cockroach Janata Party (CJP)’ महज 5 दिनों में सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई है। गुरुवार सुबह 11:30 बजे तक इंस्टाग्राम पर पार्टी के फॉलोअर्स की संख्या 1.17 करोड़ से अधिक और X (पूर्व ट्विटर) पर करीब 1.93 लाख तक पहुंच गई। दिलचस्प बात यह है कि इंस्टाग्राम पर भाजपा के लगभग 87 लाख और कांग्रेस के करीब 1.33 करोड़ फॉलोअर हैं। ऐसे में CJP की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया है।
महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने बनाई पार्टी
‘Cockroach Janata Party’ की शुरुआत महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत दीपके ने की है। पार्टी का स्लोगन है —
“Secular, Socialist, Democratic, Lazy”
अभिजीत वर्तमान में अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन में मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वे 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
15 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” से की थी। इस बयान के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। हालांकि, एक दिन बाद CJI सूर्यकांत ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जो फर्जी डिग्रियों के जरिए प्रतिष्ठित पेशों में पहुंच जाते हैं और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं।
“सब कॉकरोच साथ आ जाएं तो?”
BBC को दिए इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर CJI की टिप्पणी देखी और इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा —
“अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा?”
अभिजीत के मुताबिक, Gen Z और युवा वर्ग से उन्हें बड़ी संख्या में समर्थन मिला और लोगों ने एक साझा मंच बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने ‘Cockroach Janata Party’ शुरू कर दी।
पार्टी की सदस्यता के लिए 4 योग्यताएं
CJP ने मजाकिया अंदाज में सदस्यता के लिए चार “योग्यताएं” भी जारी की हैं—
1. बेरोजगार होना
2. आलसी होना यानी “डले रहो, पड़े रहो”
3. हमेशा ऑनलाइन रहने की आदत
4. प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता
CJP का मैनिफेस्टो भी वायरल
पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपना “मैनिफेस्टो” भी जारी किया है, जिसमें कई तीखे और व्यंग्यात्मक वादे किए गए हैं—
रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा।
वैध वोट डिलीट होने पर मुख्य चुनाव आयुक्त पर UAPA के तहत कार्रवाई की मांग।
महिलाओं को संसद और कैबिनेट में 50% आरक्षण।
बड़े कॉरपोरेट मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द करने की बात।
दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध।
सोशल मीडिया पर मीम्स और बहस तेज
CJP के नाम और मैनिफेस्टो को लेकर सोशल media पर मीम्स, बहस और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे युवाओं की नाराजगी का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ इसे महज एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन ट्रेंड मान रहे हैं।

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