पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले में मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर दो अलग-अलग संगठनों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। एक ओर अशासकीय शिक्षकों ने स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता नहीं होने के विरोध में कलेक्ट्रेट का घेराव किया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश मितानिन संघ के बैनर तले सैकड़ों मितानिनों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। दोनों संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
किताबों की कमी से नाराज अशासकीय शिक्षक
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलने से नाराज जिले भर के अशासकीय शिक्षक बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि पाठ्यपुस्तक निगम की ओर से स्कूलों में पर्याप्त संख्या में किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया। उनका कहना है कि सत्र शुरू हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सभी छात्रों तक आवश्यक पाठ्य सामग्री नहीं पहुंच सकी है। इसका सीधा असर शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
अशासकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि पाठ्यपुस्तक निगम तत्काल सभी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में पुस्तकें उपलब्ध कराए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज करते हुए रायपुर स्थित पाठ्यपुस्तक निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित करने का आश्वासन दिया है।
मितानिनों ने संविलियन और मानदेय वृद्धि की उठाई मांग
इसी दौरान प्रदेश मितानिन संघ के बैनर तले जिले भर से पहुंची सैकड़ों मितानिनों ने भी कलेक्ट्रेट का घेराव कर अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मितानिनों ने शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। मितानिन संघ की प्रमुख मांगों में एमटी, बीसी और एचएफ कर्मियों का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन, क्षतिपूर्ति मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग शामिल है। प्रदर्शनकारी मितानिनों का कहना है कि उनकी मांगें चुनावी वादों और गारंटियों का हिस्सा रही हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत धमतरी में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।
आंदोलन तेज होने के संकेत
एक ही दिन में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े दो बड़े समूहों के प्रदर्शन ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। जहां शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, वहीं मितानिनें लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। दोनों संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। ऐसे में अब निगाहें शासन और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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