पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र में लंबे समय से जारी कथित अवैध रेत कारोबार और प्रशासनिक निष्क्रियता के विरोध में ग्राम पंचायत कुटेला के ग्रामीणों ने गुरुवार को आरंग-लवन मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
निस्तारी तालाब पर अवैध भंडारण का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफियाओं ने गांव के निस्तारी तालाब को पाटकर वहां बड़े पैमाने पर रेत का अवैध भंडारण कर रखा है। ग्रामीणों के अनुसार यह तालाब गांव के दैनिक उपयोग और पशुओं की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण था, लेकिन लगातार हो रहे अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के कारण इसका स्वरूप प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि मामले की शिकायत ग्राम पंचायत स्तर से लेकर स्थानीय प्रशासन, खनिज विभाग और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तक कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस रहने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।
प्रशासन और खनिज विभाग पर गंभीर सवाल
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण खुलेआम चल रहा है। उनका कहना है कि संबंधित विभागों की जानकारी के बिना इतने बड़े पैमाने पर यह गतिविधियां संभव नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गांव के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
सड़क पर उतरे ग्रामीण, कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन केवल आश्वासनों के आधार पर समाप्त नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक अवैध रेत भंडारण हटाने, तालाब की स्थिति बहाल करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों और परिवहन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर पहुंची पुलिस, समझाइश का प्रयास
चक्काजाम की सूचना मिलते ही आरंग पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन समाप्त कराने और यातायात बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे।

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