पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेंडरवानी में खेत में नाली निर्माण को लेकर उपजे विवाद के बीच एक किसान द्वारा जहर सेवन करने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
खेत में खुदाई से नाराज किसान ने उठाया आत्मघाती कदम
मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी किसान मिथलेश पटेल ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत द्वारा बिना पूर्व सूचना दिए उसके खेत में नाली निर्माण के लिए खुदाई कराई गई। किसान का कहना है कि इस निर्माण कार्य से उसकी खेती प्रभावित हो रही थी और इसी तनाव के चलते उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
घटना के बाद परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को नियंत्रण में बताया।
परिजनों का आरोप- बिना नोटिस शुरू कर दिया निर्माण कार्य
किसान के भाई विश्राम पटेल ने बताया कि जहर सेवन करने के बाद मिथलेश ने कहा था कि उसके खेत में नाली निर्माण करवाया जा रहा है, जिससे वह बेहद परेशान था। उन्होंने आरोप लगाया कि नाली निर्माण के लिए आसपास पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद उनके निजी खेत का उपयोग किया जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई नोटिस जारी किया गया। इससे किसान मानसिक दबाव में आ गया था।
डॉक्टर बोले- समय पर इलाज मिलने से बची जान
अस्पताल में उपचार कर रहे डॉ. रवि किरण सिंद्दे ने बताया कि मरीज ने किसी प्रकार की दवा या जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। समय रहते अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के कारण उसकी जान बच गई। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
सरपंच ने आरोपों को बताया निराधार
मामले में ग्राम सरपंच मिथलेश साहू ने किसान और उसके परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नाली निर्माण का कार्य मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत है और सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने किसी भी प्रकार की मनमानी या नियमों के उल्लंघन से इनकार किया है।
पुलिस में शिकायत की तैयारी
घटना के बाद किसान के परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस में करने की बात कही है। उनका आरोप है कि खेत में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी।
फिलहाल यह मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाती है तो प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर मामले की जांच की जा सकती है।

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