सन 1985 में आई सनी देओल के फिल्म में डायरेक्टर ने किया था गजब का जुगाड़, जाने पूरी कहानी



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पब्लिक स्वर। आपने सनी देओल की ऐसी फिल्में जरूर देखी होंगी जिनमें एक्शन, ड्रामा और मनोरंजन सब कुछ होता है। 90 के दशक में सनी देओल ने एक्शन फिल्मों में काम किया और लगभग हर फिल्म में दुश्मनों का खात्मा किया। लेकिन आज भी लोग उन्हें ऐसा ही करते देखना पसंद करते हैं। घायल, घातक और दामिनी जैसी फिल्मों ने 2.5 किलो के एक्टर को एक्शन स्टार बना दिया। लेकिन 39 साल पहले सनी की एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी जिसके पीछे की कहानी जब उन्हें पता चली तो हर कोई यह कहने पर मजबूर हो गया कि जुगाड़ हो तो ऐसा।


इन दिनों दृश्य प्रभावों और प्रौद्योगिकी की कोई कमी नहीं है। फिल्मों में महत्वपूर्ण चीजों को भी दृश्य प्रभावों के माध्यम से आसानी से दर्शाया जा सकता है। लेकिन एक समय था जब विजुअल इफेक्ट्स जैसी चीजें उपलब्ध नहीं थीं। उस समय निर्देशकों के लिए फिल्मों के हर सीन को पर्दे पर उतारना एक बड़ी चुनौती थी। 50 लोगों को 100 की भीड़ की तरह व्यवहार करना एक बड़ा मील का पत्थर हुआ करता था। लेकिन निर्देशक सनी देओल की 1985 की फिल्म अर्जुन को लेकर पूरी तरह तैयार थे।


1000 लोग 2000 लोगों की भीड़ में बदल गये मुझे सनी देओल की फिल्म अर्जुन बहुत पसंद आई। 1.5 मिलियन रुपये के बजट पर इस फिल्म को बनाने के लिए निर्देशक को काफी संघर्ष करना पड़ा। दरअसल, डायरेक्टर को भारी बारिश में सनी के साथ सीन शूट करना था। आप बारिश में छाता लिए लोगों की भीड़ भी देख सकते हैं। लेकिन 39 साल पहले ये काम अब भी काफी मुश्किल था। ऐसे में डायरेक्टर ने समझदारी दिखाई और वहां मौजूद 1000 लोगों को दो छाते दिए। इस सीन को फिल्माने में दो दिन लग गए। फिल्मांकन के दौरान सनी देओल अक्सर छाते में उलझ जाते थे और उन्हें फिल्म की शूटिंग जारी रखनी पड़ती थी।



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