पब्लिक स्वर,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पेंड्रा रोड-गेवरा रेल लाइन परियोजना में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने 20 लाख 70 हजार रुपये की चपत लगा दी। ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश की रकम को बढ़ाकर करीब 80 लाख रुपये दिखाया, लेकिन जब अधिकारी ने राशि निकालने की कोशिश की तो पूरा खेल सामने आ गया। शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मामला गौरेला थाना क्षेत्र का है। पीड़ित की पहचान कुंदन कुमार के रूप में हुई है, जो केंद्र सरकार के उपक्रम इरकॉन (IRCON) में उपकरण मैनेजर (Equipment Manager) के पद पर कार्यरत हैं। वे मूल रूप से बिहार के पटना निवासी हैं और इन दिनों पेंड्रा रोड-गेवरा रेल लाइन परियोजना में पदस्थ हैं।
फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बिछाया जाल
शिकायत के अनुसार, ठगों ने "मानसा कैपिटल" नाम की कथित ट्रेडिंग कंपनी के जरिए शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के बाद कुंदन कुमार ने अलग-अलग किस्तों में कुल 20.70 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद ठगों ने एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर उनके निवेश को बढ़ाकर करीब 80 लाख रुपये का मुनाफा दिखाया। ऐप में बढ़ती रकम देखकर पीड़ित को विश्वास हो गया कि उनका निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
पैसे निकालने की कोशिश में खुली ठगी
जब कुंदन कुमार ने ऐप में दिखाई गई राशि को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने का प्रयास किया, तो निकासी नहीं हो सकी। उन्होंने निवेश से जुड़े लोगों और संपर्क में रहने वाले जयप्रकाश वर्मा से बात करने की कोशिश की, लेकिन सभी मोबाइल नंबर बंद मिले और संबंधित ऑनलाइन पोर्टल भी बंद हो चुका था। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।पीड़ित ने तत्काल गौरेला थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर साइबर ठगों की पहचान और लेनदेन के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
लगातार बढ़ रहे हैं फर्जी निवेश के मामले
हाल के वर्षों में शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग पहले निवेशकों को व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करते हैं, फिर फर्जी ट्रेडिंग ऐप या वेबसाइट पर काल्पनिक मुनाफा दिखाकर बड़ी रकम निवेश करवा लेते हैं। जब निवेशक पैसे निकालने की कोशिश करता है, तब तक ठग संपर्क तोड़ चुके होते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें। केवल सेबी (SEBI) से पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही निवेश करें और अवास्तविक या अत्यधिक मुनाफे के दावों से सावधान रहें।

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