पब्लिक स्वर,बस्तर। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के ग्राम मूली में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक क्लिनिक और दो मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। संयुक्त जांच में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज, लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन, प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं का भंडारण और बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से गांव में निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीनों प्रतिष्ठानों के दस्तावेज, दवाओं का स्टॉक और संचालन की प्रक्रिया की बारीकी से जांच की गई।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि मेडिकल स्टोर के लाइसेंस की आड़ में मरीजों का उपचार किया जा रहा था। मौके पर इलाज करने वाले व्यक्ति से चिकित्सकीय डिग्री और पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस की निर्धारित श्रेणी से अलग दवाओं का स्टॉक भी मिला, जिसके बाद विभाग ने संबंधित परिसर को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों को जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच में बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों के गंभीर उल्लंघन भी सामने आए। परिसर के बाहर इस्तेमाल की गई इंजेक्शन की शीशियां और अन्य मेडिकल कचरा खुले में फेंका और जलाया जाना पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा माना है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट से जुड़े प्रावधानों तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध क्लिनिक और नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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