पब्लिक स्वर,गौरेला। गौरेला थाना पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 7 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने एक बिना नंबर की पिकअप वाहन से 7 भैंस-भैंसों को अमानवीय और क्रूरतापूर्ण तरीके से ठूंस-ठूंसकर ले जाते हुए बरामद किया। अत्यधिक यातना के कारण एक भैंसे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शेष छह मवेशियों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए गौशाला भेजा गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जितेंद्र सिंह राठौर को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि वाहन चालक समेत दो अन्य आरोपी फरार हो गए। उनकी तलाश जारी है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध पिकअप वाहन में अवैध रूप से मवेशियों की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही गौरेला थाना पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही चालक और उसका एक साथी वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले, जबकि जितेंद्र सिंह राठौर को मौके से पकड़ लिया गया।
पिकअप में ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे मवेशी
वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस ने पाया कि पिकअप में सात भैंस-भैंसों को बेहद संकरे स्थान में ठूंसकर भरा गया था। सभी मवेशियों को तत्काल तराईगांव गौशाला पहुंचाया गया। पशु चिकित्सकों की जांच में सामने आया कि अत्यधिक गर्मी, दम घुटने और यातना के कारण एक भैंसे की मौत हो चुकी थी। अन्य छह मवेशियों का उपचार कराया गया।
बूचड़खाने ले जाने की बात कबूली
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि जब्त पिकअप ग्राम आमाडांड, थाना जैतहरी निवासी अजय राठौर की है। आरोपियों ने बेलगहना (बिलासपुर) के जंगल क्षेत्र से अज्ञात लोगों के माध्यम से करीब 1.75 लाख रुपये में सात मवेशी खरीदे थे। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि इन मवेशियों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा था।
7 लाख की संपत्ति जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मवेशी, लगभग 5 लाख रुपये कीमत की बिना नंबर पिकअप और दो मोबाइल फोन (करीब 25 हजार रुपये) जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे तस्करी नेटवर्क की भी जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

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