पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले के बिरेतरा गांव में ग्राम पंचायत ने शिक्षा और नशामुक्ति को लेकर एक ऐतिहासिक और अनूठा निर्णय लिया है। पंचायत के फैसले के अनुसार अब शाम 6 बजे के बाद कोई भी छात्र गांव की गलियों, चौक-चौराहों या सार्वजनिक स्थानों पर घूमता या नशा करता पाया गया तो उसके परिजनों पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करना और गांव को नशामुक्त बनाना है।
पढ़ाई को प्राथमिकता, मोबाइल और घूमना पूरी तरह प्रतिबंधित
पंचायत के नियमों के तहत: शाम 6 बजे के बाद छात्रों का बाहर घूमना प्रतिबंधित रहेगा,मोबाइल फोन और टीवी देखने पर रोक, चौक-चौराहों पर बैठना पूरी तरह वर्जित, नशा करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई, सूचना देने वाले को 2500 रुपये का इनाम वही शेष 2500 रुपये पंचायत निधि में जमा होंगे यह राशि गांव के विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
स्कूल में बैठक के बाद लिया गया फैसला
यह महत्वपूर्ण निर्णय बिरेतरा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में स्कूल प्रबंधन, शाला विकास समिति, शाला प्रबंधन समिति और अभिभावक मौजूद थे।
व्याख्याताओं ने बताया कि: कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत, कक्षा 12वीं में 100 प्रतिशत परिणाम लाने के लक्ष्य के साथ वार्ड निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो सुबह-शाम विद्यार्थियों की निगरानी करेगी।
अभिभावकों पर भी जिम्मेदारी तय
ग्राम पंचायत ने अभिभावकों के लिए भी नियम निर्धारित किए हैं: बच्चों के गृहकार्य की नियमित निगरानी, छात्रों से घरेलू काम नहीं कराया जाएगा,धूम्रपान, नशापान से दूर रखने पर विशेष ध्यान नियम तोड़ने पर विद्यार्थी और अभिभावक दोनों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गांव की महिलाओं ने फैसले का किया स्वागत
गांव की महिलाओं का कहना है कि पहले तालाब गार्डन और सुनसान इलाकों में नशेड़ियों का जमावड़ा रहता था, जिसमें स्कूली बच्चे भी शामिल हो जाते थे। लेकिन नियम लागू होने के बाद अब न तो नशेड़ी दिखते हैं और न ही छात्र बाहर घूमते नजर आते हैं।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने की सराहना
धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने पंचायत के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि: “इस पहल से निश्चित रूप से इस वर्ष 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे। गांव में नशामुक्ति को लेकर जो अभियान चलाया जा रहा है, वह एक सराहनीय प्रयास है।”
छात्र भी खुश, पढ़ाई का माहौल बना
छात्रों का कहना है कि पहले वे शाम को घूमते रहते थे, लेकिन अब हर कोई उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है। गांव में शिक्षा का माहौल बनने से बच्चे खुद को अधिक अनुशासित महसूस कर रहे हैं।

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