धमतरी post authorUser 1 13 February 2026

डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी से मिला छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल, पदोन्नति और पेंशन नीति पर हुई अहम चर्चा



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पब्लिक स्वर,धमतरी। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने संचालक लोक शिक्षण (डीपीआई) ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर शिक्षक (एल.बी.) संवर्ग से जुड़ी विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सहायक संचालक अशोक नारायण बंजारा एवं एच.सी. दिलावर भी उपस्थित रहे।

धमतरी जिलाध्यक्ष डॉ. भूषण लाल चंद्राकर ने बताया कि बैठक में पेंशन हेतु पूर्व सेवा को मान्यता देने, प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक एवं शिक्षक पदोन्नति, तथा क्रमोन्नति से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।


वन टाइम रिलैक्सेशन की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश में लगभग 30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित हैं। संगठन ने मांग की कि जिस प्रकार पदोन्नति हेतु 5 वर्ष के अनुभव को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल कर 3 वर्ष किया गया था, उसी तरह क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान के लिए निर्धारित 10 वर्ष की सेवा अवधि को एक बार शिथिल कर 5 वर्ष किया जाए।


डीपीआई का आश्वासन

डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि— प्राचार्य प्रतीक्षा सूची से पदोन्नति की प्रक्रिया शासन स्तर पर जारी है और शीघ्र पूर्ण की जाएगी। व्याख्याता टी संवर्ग की पदोन्नति हेतु काउंसिलिंग जल्द आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही व्याख्याता ई संवर्ग एवं प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला) की पदोन्नति में आ रही न्यायालयीन बाधाओं को दूर करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


पेंशन नीति में बदलाव की मांग

ज्ञापन में उच्च न्यायालय के निर्णय (रमेश चंद्रवंशी बनाम राज्य शासन, WPS 2255/2021) का हवाला देते हुए कहा गया कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है तथा यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है।
संगठन ने मांग की कि—

केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 33 वर्ष के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पर 50% पेंशन का प्रावधान किया जाए। न्यूनतम 10 वर्ष सेवा की बाध्यता को घटाकर 5 वर्ष सेवा पर पेंशन निर्धारण किया जाए, ताकि एल.बी. संवर्ग के शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत्त न हों।


अन्य प्रमुख मांगें

शेष रिक्त प्राचार्य पदों पर शीघ्र पदोन्नति। 

प्राचार्य के 10% पदों पर विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए। 

व्याख्याता ई संवर्ग के रिक्त पदों पर अविलंब पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण हो।

प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक), शिक्षक एवं प्रधान पाठक (प्राथमिक) के रिक्त पदों पर सभी जिलों में कैलेंडर तय कर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए। 


प्रतिनिधिमंडल में शामिल पदाधिकारी

इस अवसर पर प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, शैलेंद्र पारीक, प्रदेश पदाधिकारी योगेश सिंह ठाकुर, जितेंद्र मिश्रा, बिलासपुर जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, महासमुंद जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी, बालोद जिलाध्यक्ष दिलीप साहू सहित विभिन्न जिलों के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अंत में डॉ. भूषण लाल चंद्राकर ने कहा कि संगठन को डीपीआई से सकारात्मक आश्वासन मिला है और उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षकों की लंबित पदोन्नति व पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान होगा।



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