देश post authorUser 1 13 January 2026

अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी पर ईडी का वार: महादेव नेटवर्क से जुड़ी 21.45 करोड़ की संपत्ति अटैच



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पब्लिक स्वर,नई दिल्ली/रायपुर। महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत ईडी रायपुर जोन ने करीब 21.45 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच (जब्त) किया है। इस कार्रवाई से सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में करीब 98.55 लाख रुपये की चल संपत्ति और भारत व दुबई में स्थित 27 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इनमें मकान, दुकानें, कृषि भूमि और लग्जरी अपार्टमेंट शामिल बताए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि ये सभी संपत्तियां अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों से खरीदी गई थीं।

इस कार्रवाई में महादेव ऑनलाइन बुक के मुख्य प्रमोटर और फरार आरोपी रवि उप्पल की दुबई स्थित लगभग 6.75 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी शामिल हैं। ईडी का दावा है कि रवि उप्पल लंबे समय से दुबई में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

इसके अलावा, सौरभ चंद्राकर के करीबी सहयोगी रजत कुमार सिंह की भिलाई और दुबई की संपत्तियों को भी अटैच किया गया है। रजत पर 15 से 20 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है। वहीं सौरभ आहूजा और विशाल रमानी की दुर्ग और भिलाई स्थित संपत्तियां भी कार्रवाई की जद में आई हैं। इन पर करीब 30 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है।

ईडी ने विनय कुमार और हनी सिंह की जयपुर और नई दिल्ली स्थित संपत्तियों के साथ-साथ उनके लग्जरी वाहन—महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर—भी अटैच किए हैं। दोनों पर लगभग 7 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है।
इसी तरह लकी गोयल की राजस्थान में स्थित दुकानें और प्लॉट भी जब्त किए गए हैं। लकी गोयल पर टेलीग्राम के जरिए प्रचार कर 2.55 करोड़ रुपये कमाने का आरोप है। दुबई से नेटवर्क चलाने वाले ऑपरेटर राजा गुप्ता की रायपुर स्थित संपत्ति भी ईडी ने अटैच की है।

ईडी के मुताबिक, यह जांच छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी गिरोह है, जो टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर 247 जैसे डोमेन के जरिए अवैध सट्टा चला रहा था। यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करता था, जहां स्थानीय ऑपरेटर सट्टा संभालते थे और बड़ी हिस्सेदारी दुबई में बैठे प्रमोटरों तक जाती थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध कमाई को छिपाने के लिए हजारों फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। ये खाते अनजान लोगों के KYC दस्तावेजों पर खोले गए थे और केवल पैसों के लेन-देन के लिए उपयोग किए जाते थे।

अब तक ईडी देशभर में 175 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। इस मामले में कुल 2,621 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। ईडी ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और 74 व्यक्तियों व संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि यह देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों की कुर्की तथा गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



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