पब्लिक स्वर,अभनपुर। अभनपुर क्षेत्र में अवैध अर्जुन लकड़ी का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम पिपरौद में ही करीब तीन अलग-अलग स्थानों पर भारी मात्रा में अर्जुन लकड़ी का अवैध भंडारण होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार इन जगहों पर 5 ट्रक से भी अधिक लकड़ी जमा की गई है, लेकिन वन विभाग अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई करने में असफल रहा है।
दर्जनों डिप्टी रेंजर बदले, हालात जस के तस
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में अभनपुर क्षेत्र में कई डिप्टी रेंजरों का तबादला हुआ, परंतु अवैध लकड़ी तस्करी पर किसी का भी असर नहीं दिखा।
अवैध भंडारण
खुलेआम सड़क पर परिवहन
आरामील संचालकों की सक्रियता
इन सभी गतिविधियों पर रोक लगाने में विभाग की विफलता ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरामील संचालक और लकड़ी कोचियों की मिलीभगत?
ग्रामीणों का आरोप है कि आरामील संचालक तथा कुछ स्थानीय लकड़ी कोचिये वन विभाग की ढिलाई का फायदा उठाकर निर्बाध रूप से अर्जुन लकड़ी का कटाई, भंडारण और परिवहन कर रहे हैं।
सड़कों पर खुलेआम लकड़ी के ट्रक देखे जा सकते हैं, जबकि विभागीय टीम शायद ही कभी मौके पर जांच के लिए पहुंचती हो।
मुख्य सवाल – कब होगी कार्रवाई?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि –
जब अवैध भंडारण सामने है, ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, तो वन विभाग कार्रवाई कब करेगा?
क्या विभाग किसी बड़ी घटना या दबाव का इंतजार कर रहा है?
क्या यह सब कुछ विभागीय संरक्षण में हो रहा है?
क्या उच्च अधिकारियों को इस खेल की जानकारी नहीं है या जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
???? ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
लगातार बढ़ते अवैध व्यापार से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अर्जुन जैसे उपयोगी पेड़ की अवैध कटाई से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि जंगलों की सुरक्षा प्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।
ग्रामीणों की मांग
अवैध भंडारण स्थलों पर तत्काल रेड की जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों की जांच हो।
परिवहन में शामिल वाहनों की जब्ती व FIR की कार्रवाई हो।
पूरे अभनपुर क्षेत्र में वन विभाग की विशेष निगरानी टीम गठित की जाए।

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