ऑफिस के केबिन में नोट गिनते दिखे अधिकारी! CSPDCL पर लगे गंभीर आरोप



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पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के गुढ़ियारी स्थित मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट ऑफिस से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया और विभागीय गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रोजेक्ट ऑफिस में पदस्थ कार्यपालन अभियंता मुरली मौर्या एक ठेकेदार से नकदी लेते दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह रकम ठेके, भुगतान और सप्लाई से जुड़े कार्यों के एवज में ली जा रही थी।

वीडियो सामने आने के बाद बिजली विभाग में हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि यह लेनदेन वास्तविक है, तो सरकारी कार्यालय के भीतर खुलेआम इस तरह का पैसों का आदान-प्रदान किस संरक्षण में चल रहा था।

केबिन में नोट गिनने का दावा

वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि मुरली मौर्या अपने ऑफिस के केबिन में बैठे हुए नकदी लेते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनका केबिन मुख्य अभियंता के कक्ष के ठीक पास स्थित है। वीडियो में कथित तौर पर ठेकेदार पहले मौर्या को रकम देता है, फिर उसी कार्यालय में कार्यरत दो प्लेसमेंट कर्मचारियों को कुछ राशि दी जाती है और बाद में एक अन्य अधिकारी तक भी रकम पहुंचाई जाती दिखाई देती है। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल

वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई सामने नहीं आने से भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया द्वारा संपर्क करने की कोशिश के दौरान मुरली मौर्या का मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है। विभाग की ओर से भी अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

“साहब चुनाव लड़ेंगे, फंड इकट्ठा हो रहा है” — विभाग में चर्चा

विभागीय सूत्रों और ठेकेदारों के हवाले से यह चर्चा भी सामने आ रही है कि मौर्या कथित तौर पर सप्लायरों और ठेकेदारों से कहते थे कि “साहब चुनाव की तैयारी कर रहे हैं” और इसके लिए फंड जुटाया जा रहा है। यह भी दावा किया जा रहा है कि एक वरिष्ठ अधिकारी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और संभावित एक्सटेंशन को लेकर विभाग में लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद इन चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।

खरीद प्रक्रिया और कमीशनखोरी के आरोप

सूत्रों के मुताबिक CSPDCL में बिजली सप्लाई से जुड़े करोड़ों रुपए के सामान — जैसे तार, ट्रांसफॉर्मर, खंभे और अन्य उपकरणों — की खरीद प्रक्रिया में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। विभाग के भीतर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि सप्लायरों से कथित कमीशन लेकर घटिया गुणवत्ता के सामान की खरीदी की जाती रही, जिसका असर गर्मियों में बढ़ते फॉल्ट, ट्रांसफॉर्मर जलने और बार-बार बिजली बाधित होने के रूप में सामने आता है। हालांकि इन आरोपों की भी अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं मौर्या

मुरली मौर्या का नाम इससे पहले भी कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में आ चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, एक सबस्टेशन टेंडर मामले में गड़बड़ी पाए जाने के बाद उनका तबादला पखांजूर किया गया था। लेकिन बाद में वे रायपुर में ही बने रहे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभाग के भीतर राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण की चर्चाएं भी होती रही हैं।

विभागीय पारदर्शिता पर सवाल

इस पूरे मामले ने CSPDCL की कार्यप्रणाली, टेंडर सिस्टम और आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि वीडियो की जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभागीय संरचना और निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि CSPDCL प्रबंधन और राज्य सरकार इस वायरल वीडियो पर क्या रुख अपनाती है और क्या किसी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाते हैं।



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