पब्लिक स्वर,सूरजपुर। सूरजपुर जिले के रामानुज नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को मानवता और संवेदनशीलता से जुड़ा एक मामला सामने आया, जहां अस्पताल परिसर में बने ‘पालना गृह’ में एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। एक अज्ञात महिला बच्चे को पालना गृह में छोड़कर वहां से चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन, बाल संरक्षण विभाग और पुलिस हरकत में आ गए।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल स्टाफ को पालना गृह से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब कर्मचारी वहां पहुंचे तो एक नवजात शिशु पालने में मिला। इसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और बाल संरक्षण विभाग को सूचना दी गई। टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर प्राथमिक जांच के बाद सूरजपुर जिला चिकित्सालय भेजा गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार नवजात की हालत फिलहाल सामान्य और स्थिर है। बच्चे का वजन और अन्य स्वास्थ्य मापदंड संतोषजनक पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
इधर, घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने नवजात को छोड़ने वाली महिला की तलाश शुरू कर दी है। अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में पिछले 48 घंटों के दौरान हुई डिलीवरी का रिकॉर्ड भी जांचा जा रहा है, ताकि बच्चे की मां की पहचान की जा सके।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बताया कि अस्पतालों में बनाए गए ‘पालना गृह’ का मकसद ऐसे नवजातों को सुरक्षित आश्रय देना है, जिन्हें किसी कारणवश परिवार अपने साथ नहीं रख पाता। उन्होंने कहा कि कई बार सामाजिक दबाव, आर्थिक स्थिति या अन्य परिस्थितियों के कारण महिलाएं ऐसा कदम उठाती हैं। ऐसे मामलों में बच्चे की सुरक्षा प्राथमिकता होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नवजात की मां की पहचान होती है, तो पहले उसकी काउंसलिंग की जाएगी। परिस्थितियों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चे को मां को सौंपने या बाल संरक्षण तंत्र के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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