पब्लिक स्वर,नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में शून्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ और उससे जुड़े आदिवासी तथा पिछड़े इलाकों में रेल सुविधाओं के विस्तार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्से आज भी बेहतर रेल नेटवर्क से वंचित हैं, जिससे विकास, पर्यटन, व्यापार और आवागमन प्रभावित हो रहा है। सांसद ने केंद्र सरकार से कई लंबित रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की मांग की।
फूलोदेवी नेताम ने विशेष रूप से पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला-घंसौर-लखनादौन-गोटेगांव (श्रीधाम) नई रेल लाइन परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों को मजबूत रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि अमरकंटक जैसे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र तक रेल पहुंचने से नर्मदा उद्गम स्थल आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में अमरकंटक तक सीधी रेल सुविधा नहीं होने के कारण यात्रियों को सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। नई रेल लाइन बनने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
सांसद ने यह भी कहा कि इस रेल मार्ग के जरिए इटारसी जंक्शन के माध्यम से दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य बड़े शहरों तक बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा। इससे व्यापार, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने-जाने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
फूलोदेवी नेताम ने बिलासपुर से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर को CTCE Plan-2030 में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस (12771/72) और नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस (12290) का विस्तार बिलासपुर तक किया जाए। लंबे समय से इन मांगों को लेकर स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि आवाज उठाते रहे हैं।
उन्होंने कोरबा क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। सांसद ने कहा कि कोरबा-बीकानेर एक्सप्रेस का संचालन जल्द शुरू किया जाए। साथ ही कोरबा स्टेशन पर तैयार पड़ी पिटलाइन को तत्काल चालू किया जाए, ताकि वहां से नई ट्रेनों के संचालन में सुविधा मिल सके।
फूलोदेवी नेताम ने कोरबा से नई दिल्ली के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग करते हुए कहा कि कोरबा जैसे औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र से राजधानी दिल्ली तक सीधा रेल संपर्क नहीं होना बड़ी कमी है। नई ट्रेन शुरू होने से कोरबा, बिलासपुर और आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यदि इन सभी लंबित परियोजनाओं और रेल सुविधाओं को जल्द पूरा किया जाता है, तो छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज होगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।

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