पब्लिक स्वर,रतनपुर। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, रायपुर मंडल द्वारा गज किला रतनपुर स्थित प्राचीन तालाब के सौंदर्यीकरण एवं पाथवे निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगा है। 2 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस कार्य में ठेकेदार पर तालाब के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने और नियम विरुद्ध निर्माण करने के आरोप लगे हैं।
स्थानीय संस्था मोरध्वज वेलफेयर फाउंडेशन का कहना है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर प्राचीन तालाब का क्षेत्रफल कम कर दिया गया है और मूल संरचना में बदलाव किया जा रहा है। संस्था के अनुसार निर्माण में नए पत्थरों के स्थान पर पुराने पिचिंग के पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि टेंडर में नए पत्थर लगाने का प्रावधान है।
फाउंडेशन ने इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षक पुरातत्वविद डॉ. काली मिथू को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद मोरध्वज वेलफेयर फाउंडेशन ने मामले की शिकायत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक, नई दिल्ली को भेजकर जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फाउंडेशन का कहना है कि रतनपुर की यह धरोहर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की है। इसके मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब देखना होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर की गई शिकायत के बाद पुरातत्व विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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