पब्लिक स्वर,बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले में जमानत पर रिहा हुए 9 आरोपियों का जेल से बाहर आने के बाद शक्ति प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। आरोपियों ने कारों और बाइकों का काफिला निकालकर शहर में रैली की, स्टंटबाजी की, आतिशबाजी की और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और सभी आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
यह मामला भाटापारा शहर थाना क्षेत्र का है, जहां 5 जून की रात जेल से रिहा हुए आरोपियों ने कथित तौर पर कानून और व्यवस्था को चुनौती देने वाला प्रदर्शन किया। पुलिस का कहना है कि जमानत पर रिहाई का अर्थ कानून तोड़ने या दबंगई दिखाने की छूट नहीं है।
जेल से निकलते ही निकाली रैली, सड़क पर किया हंगामा
पुलिस के अनुसार आदित्य साहू (22), सागर धीवर (27), मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या (21), वसीम अली (20), संतोष उर्फ छोटू मनहरे (25), सागर यादव (24), आशीष ध्रुव (21), हेमंत भाट (20) और ओम ध्रुव (20) हाल ही में विभिन्न मामलों में जमानत पर रिहा हुए थे।रिहाई के बाद 5 जून की रात करीब 10 बजे सभी आरोपी कारों और बाइकों के साथ कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार रोड पहुंचे। यहां उन्होंने काफिले के रूप में रैली निकाली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ युवक कारों की खिड़कियों से बाहर लटककर स्टंट करते नजर आए, जबकि कई स्थानों पर आतिशबाजी भी की गई।स्थानीय लोगों का आरोप है कि रैली के दौरान कुछ आरोपियों ने राहगीरों और मोहल्ले के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया, जिससे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल बन गया।
सोशल मीडिया पर पोस्ट की दबंगई, वीडियो बना सबूत
घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि आरोपियों ने स्वयं ही पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो में रैली, स्टंटबाजी, स्वागत समारोह और आतिशबाजी जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही थीं। कानून-व्यवस्था के जानकारों के अनुसार हाल के वर्षों में अपराध से जुड़े कई मामलों में सोशल मीडिया पोस्ट और रीलें पुलिस जांच का महत्वपूर्ण आधार बनी हैं। इस मामले में भी वायरल वीडियो पुलिस कार्रवाई का प्रमुख कारण बना।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलने के बाद भाटापारा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सभी 9 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुनः न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसपी का सख्त संदेश
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमानत किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या समाज में भय का माहौल बनाने का अधिकार नहीं देती। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां उपलब्धि नहीं बल्कि दोबारा सजा को आमंत्रण देने जैसी हैं। सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने, शक्ति प्रदर्शन करने और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस की "जीरो टॉलरेंस" नीति जारी रहेगी।

User 1











