पब्लिक स्वर,बस्तर/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में शनिवार शाम बदले मौसम ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर बस्तर और बीजापुर जिले में कुल 21 मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना से ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।
चिलकुटी गांव में पेड़ के नीचे बैठे थे मवेशी
जगदलपुर शहर से लगे चिलकुटी गांव के सुरंगियापारा में शनिवार रात बारिश के दौरान 11 मवेशियों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दिनभर गर्मी रहने के बाद शाम को अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए मवेशी एक बड़े पेड़ के नीचे इकट्ठा होकर बैठे हुए थे। इसी दौरान आकाशीय बिजली सीधे पेड़ के पास गिरी, जिसकी चपेट में आने से सभी मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। बारिश के दौरान शहर और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही।
बीजापुर के पोन्दुम गांव में भी 10 मवेशियों की मौत
इसी तरह बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के पोन्दुम गांव में शनिवार शाम करीब साढ़े 7 बजे आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय मवेशी खेत और खुले स्थानों में चर रहे थे। अचानक मौसम बिगड़ा और तेज चमक के साथ बिजली गिर गई, जिससे मवेशियों की मौके पर मौत हो गई। मृत मवेशियों के मालिकों में लक्ष्मण हपका, बुधराम हपका और दशरथ बघेल के दो-दो मवेशी शामिल हैं, जबकि पिंकी बघेल, सुंदरी हपका, आसमती हपका और मन्नू हपका के एक-एक मवेशी की जान गई है। ग्रामीणों ने बताया कि मरने वाले अधिकांश मवेशी सफेद रंग के थे।
पशुपालन पर निर्भर परिवारों पर गहराया संकट
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में एक साथ इतने मवेशियों की मौत ने कई परिवारों की आर्थिक स्थिति को झटका दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की मांग की है।

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