पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले के अर्जुनी थाना प्रभारी और एक युवक के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाता दिखाई दे रहा है, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पूछताछ के दौरान हुई बहस को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले ने तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिसकर्मियों को शोकॉज नोटिस जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
देर रात पूछताछ के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम मुजगहन के पास का है। बीती रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच एक युवक अपनी पत्नी और बच्चे के साथ मोटरसाइकिल से आमदी की ओर जा रहा था। इसी दौरान रात्रि गश्त पर निकली पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वाहन की स्थिति और उससे जुड़े दस्तावेजों में कुछ विरोधाभास नजर आए। इसी बात को लेकर युवक और पुलिसकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाता नजर आ रहा है। वह पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराता दिखाई देता है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का दावा है कि किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई और केवल नियमित जांच एवं पूछताछ की प्रक्रिया अपनाई गई थी। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग युवक के आरोपों को गंभीर मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।
युवक की पहचान को लेकर भी जांच
पुलिस के मुताबिक, युवक स्थानीय निवासी नहीं है और उसकी पहचान को लेकर भी अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। बताया गया है कि वह आमदी क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा है। पुलिस उसकी पहचान और निवास संबंधी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवक बातचीत के दौरान स्थानीय भाषा के बजाय दूसरी भाषा का उपयोग कर रहा था, जिसके कारण भी सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
पुलिस का पक्ष है कि जिस मार्ग पर यह घटना हुई, वहां पहले लूटपाट, चाकूबाजी और अन्य आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में देर रात एक परिवार को सड़क पर देखकर सुरक्षा की दृष्टि से पूछताछ करना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था। पुलिस का कहना है कि रात्रिकालीन गश्त का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, पूछताछ के दौरान क्या परिस्थितियां बनीं और विवाद किस स्तर तक पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
दो अलग-अलग वीडियो सामने आने से बढ़ी उलझन
धमतरी के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि घटना से जुड़े दो अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में युवक का पक्ष दिखाई देता है, जबकि दूसरे वीडियो में युवक पुलिसकर्मियों को उकसाते हुए नजर आ रहा है। एसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसी पक्ष की ओर से कोई अनुचित व्यवहार हुआ या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर युवक पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस अपने बचाव में सुरक्षा और नियमित जांच की बात कह रही है। चूंकि घटना के दो अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं, इसलिए जांच रिपोर्ट ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट कर पाएगी। प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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