पब्लिक स्वर,गरियाबंद। गरियाबंद जिले के पोड़ गांव में भीषण गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट ने ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष बर्तन-बाल्टी लेकर सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल रहे।
जानकारी के अनुसार, पोड़ गांव में पेयजल की समस्या कोई नई नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से प्रशासन को जल संकट की जानकारी देते रहे, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो गई। कई मोहल्लों में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती गई।
सोमवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गांव में जल्द स्थायी जल व्यवस्था करने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया। महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कई हैंडपंप और जल स्रोत जवाब दे चुके हैं। ऐसे में गांव में पेयजल संकट अब जनजीवन पर सीधा असर डालने लगा है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पाण्डुका पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से जल्द आवश्यक व्यवस्था करने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
हालांकि, ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ठोस समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। गर्मी के इस मौसम में पोड़ गांव का यह विरोध प्रदर्शन ग्रामीण इलाकों में जल संकट और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

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