ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का मास्टरमाइंड ने SSP ऑफिस पहुंचकर किया सरेंडर



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पब्लिक स्वर,रायगढ़। रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के खिलाफ रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई, तकनीकी जांच और गिरफ्तारी के दबाव में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई आखिरकार खुद पुलिस के सामने पेश हो गया। चांदमारी निवासी 43 वर्षीय पिंटू हलवाई ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसएसपी शशि मोहन सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी ने अपराध से तौबा करते हुए मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई।

पुलिस के दबाव में उत्तराखंड भागा था आरोपी

पुलिस पूछताछ में पिंटू हलवाई ने स्वीकार किया कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर लगातार हो रही कार्रवाई और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद वह डर के कारण रायगढ़ छोड़कर उत्तराखंड भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिया था, ताकि पुलिस को डिजिटल सबूत न मिल सकें। हालांकि साइबर और कोतवाली पुलिस की लगातार कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और बढ़ते दबाव के चलते उसने आखिरकार खुद सामने आकर सरेंडर करना ही बेहतर समझा।

पत्नी और भतीजे के साथ मिलकर चला रहा था नेटवर्क

थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 237/2026 और 238/2026 के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी पत्नी, भतीजे और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहा था। सट्टा कारोबार का संचालन व्हाट्सऐप कॉलिंग के जरिए किया जाता था, जबकि पैसों का लेन-देन यूपीआई और डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से होता था। पूछताछ के दौरान आरोपी से 2 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर इस नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने: मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, करीब 2.69 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, महंगे मोबाइल फोन जैसी सामग्री बरामद की थी। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक पिंटू हलवाई बताया जा रहा था, जो तब से फरार चल रहा था।

SSP की सख्त चेतावनी

सरेंडर के दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में वह दोबारा सट्टा, जुआ या किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ जिला बदर जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।

डिजिटल सट्टेबाजी पर पुलिस का फोकस

रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का संकेत मानी जा रही है कि अब पारंपरिक जुए के साथ-साथ डिजिटल और ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर भी पुलिस की पैनी नजर है। खासतौर पर आईपीएल और क्रिकेट सीजन के दौरान ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क तेजी से सक्रिय होते हैं, जिनमें यूपीआई, फर्जी खातों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। “ऑपरेशन अंकुश” के जरिए रायगढ़ पुलिस अब ऐसे नेटवर्क की आर्थिक और तकनीकी जड़ों तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है।



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