पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर में मानसून आने से पहले ही जलभराव की समस्या ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फाफाडीह इलाके के रमन मंदिर छहमुंहा नाले में कचरा और गाद जमा होने के कारण आसपास की बस्तियों में पिछले कई दिनों से पानी भर रहा है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि गर्मी के मौसम में ही नाले का गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से नालों की नियमित सफाई नहीं हुई है। हल्की बारिश और पानी के बहाव से ही चूनाभट्टी बस्ती, फाफाडीह अंडरब्रिज और पाठक नर्सिंग होम गली में जलभराव की स्थिति बन गई। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अंडरब्रिज बना हादसों का कारण
फाफाडीह अंडरब्रिज में तेज बहाव और जलभराव के चलते दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक कई लोग गिरकर चोटिल हुए। वहीं पाठक नर्सिंग होम गली में पानी भरने से अस्पताल परिसर और आसपास के मकानों में गंदा पानी घुस गया, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
विरोध में उतरे कांग्रेस नेता
मामले को लेकर पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, श्रीकुमार शंकर मेनन समेत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रभावित इलाके में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय पार्षद, महापौर और विधायक क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। शिकायतों के बाद जोन कमिश्नर और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद पोकलेन मशीन की मदद से नाले की सफाई शुरू कराई गई।
मानसून से पहले बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर गर्मी के मौसम में ही यह स्थिति है, तो मानसून के दौरान हालात और भयावह हो सकते हैं। हर साल बारिश में फाफाडीह और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
24 घंटे का अल्टीमेटम
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो पहले जोन कार्यालय और उसके बाद नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने सफाई अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या मानसून शुरू होने से पहले शहर की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त हो पाएगी या नहीं।

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