पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर में पिछले कुछ समय से रेव पार्टी और तथाकथित “स्ट्रेंजर मीटअप” जैसे आयोजनों का ट्रेंड तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम ऐसे इवेंट्स का प्रचार किया जा रहा है, जिनमें पार्टी, टेक्नो म्यूजिक, नाइट कल्चर और “रेड रूम” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है। अब इस पूरे मामले ने नया मोड़ तब ले लिया, जब कथित “रेड रूम टेक्नो पार्टी” के प्रचार में नाबालिग लड़कियों के वीडियो सामने आने लगे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट्स को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर राजधानी में इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी कितनी प्रभावी है और क्या इन आयोजनों की आड़ में नशे, अश्लीलता या किसी संगठित नेटवर्क को बढ़ावा दिया जा रहा है?
सोशल मीडिया बना प्रचार का सबसे बड़ा हथियार
रायपुर में हो रहे इन आयोजनों का सबसे अहम पहलू यह है कि इनका प्रचार पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए किया जा रहा है। इंस्टाग्राम रील्स, टेलीग्राम ग्रुप, स्नैपचैट और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर आकर्षक वीडियो बनाकर युवाओं को टारगेट किया जा रहा है।
सूत्रों की माने तो चौंकाने वाली बात यह है कि कई वायरल वीडियो में कम उम्र की लड़कियां पार्टी को प्रमोट करती नजर आ रही हैं। वीडियो में “रेड रूम”, “टेक्नो नाइट”, “सीक्रेट पार्टी” और “अनलिमिटेड फन” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही कारण है कि अब यह मामला केवल एक पार्टी आयोजन तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और बाल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।
‘स्ट्रेंजर मीटअप’ विवाद के बाद फिर बढ़ी चिंता
यह पहला मामला नहीं है जब रायपुर में इस तरह का आयोजन विवादों में आया हो। हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए प्रचारित “स्ट्रेंजर मीटअप” कार्यक्रम को लेकर राजधानी में भारी विवाद खड़ा हो गया था। लुधियाना की संस्था युनीगैदर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का बजरंग दल ने विरोध किया था। पहले यह आयोजन कटोरा तालाब स्थित एक कैफे में होना था, लेकिन विरोध की आशंका के चलते आयोजन स्थल बदलकर तेलीबांधा क्षेत्र के पॉकेट कैफे में कर दिया गया।
हालांकि, विरोध बढ़ने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कार्यक्रम को रद्द करवा दिया। रायपुर एडीसीपी तारकेश्वर पटेल ने उस समय कहा था कि सुरक्षा कारणों और विरोध को देखते हुए आयोजन स्थल बंद कराया गया।
क्या रायपुर में तेजी से बदल रहा है नाइट कल्चर?
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में लंबे समय से क्लब कल्चर, टेक्नो पार्टियां और सोशल मीटअप इवेंट्स आम बात रहे हैं। अब उसी तर्ज पर रायपुर जैसे उभरते शहरों में भी युवाओं के बीच नाइट लाइफ और सोशल पार्टी कल्चर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
पहले भी सामने आ चुका है ठगी का मामला
रायपुर में इससे पहले “न्यूड पार्टी” के नाम पर सोशल मीडिया में बड़े स्तर पर प्रचार किया गया था। बाद में जांच में यह मामला कथित ठगी नेटवर्क से जुड़ा निकला। युवाओं को महंगे पास और वीआईपी एंट्री के नाम पर फंसाने की कोशिश की गई थी। इसी वजह से अब पुलिस और साइबर मॉनिटरिंग एजेंसियां ऐसे आयोजनों को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रही हैं।

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