पब्लिक स्वर,बिलासपुर। शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष जांच अभियान के तहत तेज आवाज वाले प्रेशर हार्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और अमानक सायरन का इस्तेमाल करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 बसों का चालान किया गया। अभियान के दौरान एक बस चालक को नशे की हालत में वाहन चलाते हुए भी पकड़ा गया, जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य पर असर को लेकर कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, प्रेशर हार्न से निकलने वाली अत्यधिक तेज आवाज आम लोगों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। लगातार तेज ध्वनि के संपर्क में रहने से तनाव, चिड़चिड़ापन, सुनने की क्षमता पर प्रभाव और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
ट्रैफिक ASP की निगरानी में चला विशेष अभियान
मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस ने शहर के विभिन्न स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान की निगरानी ट्रैफिक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रामगोपाल करियारे द्वारा की गई। जांच के दौरान बसों और अन्य वाहनों में लगे प्रेशर हार्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और गैर-मानक सायरनों की पड़ताल की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
नशे में बस चला रहा चालक पकड़ा गया
जांच के दौरान बस क्रमांक CG-09-F-0218 के चालक जितेंद्र (30 वर्ष) को नशे की हालत में बस चलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने पाया कि बस में प्रेशर हार्न का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे की हालत में सार्वजनिक परिवहन वाहन चलाना यात्रियों की जान को जोखिम में डालने जैसा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हार्न बेचने वालों पर भी होगी कार्रवाई
ट्रैफिक ASP रामगोपाल करियारे ने स्पष्ट किया कि केवल वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि अवैध रूप से प्रेशर हार्न और प्रतिबंधित सायरन बेचने वाले दुकानदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे विक्रेताओं की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
बस संचालकों को पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने बस मालिकों और परिवहन संचालकों को निर्देश दिया है कि सभी चालकों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए। साथ ही नशे की लत वाले, लापरवाह या नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को नौकरी पर न रखने की सलाह दी गई है।
सड़क सुरक्षा और शांति दोनों पर फोकस
ट्रैफिक पुलिस का यह अभियान केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में ध्वनि प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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