पब्लिक स्वर,सरगुजा। सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार शाम तेज बारिश और बिजली गुल होने का फायदा उठाकर 11 नाबालिग लड़के खिड़की उखाड़कर संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए। इनमें कई नाबालिग हत्या, दुष्कर्म, लूट और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के मामलों में निरुद्ध थे। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
बारिश और अंधेरे का उठाया फायदा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे अंबिकापुर में तेज बारिश और गरज-चमक के बीच बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसी दौरान एक बैरक में बंद नाबालिगों ने खिड़की को पूरी तरह उखाड़ दिया और वहां से बाहर निकल गए। इसके बाद उन्होंने परिसर की दीवार फांदकर फरार होने में सफलता हासिल कर ली।सबसे हैरानी की बात यह रही कि मुख्य प्रवेश द्वार पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे, लेकिन उन्हें इस पूरी घटना की भनक तक नहीं लगी।
एक घंटे बाद चला घटना का पता
बताया जा रहा है कि नाबालिगों के फरार होने की जानकारी कर्मचारियों को करीब एक घंटे बाद मिली। इसके बाद तत्काल गांधीनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बाल संप्रेक्षण गृह प्रबंधन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया और फरार नाबालिगों की तलाश के लिए विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया गया।
हत्या, दुष्कर्म और लूट के मामलों में थे बंद
बाल संप्रेक्षण गृह के हाउस फादर मनीष कुशवाहा के अनुसार, रात के भोजन के बाद सभी बच्चे अपने-अपने कमरों में चले गए थे। कुछ बच्चे टीवी देख रहे थे। इसी दौरान मौसम खराब होने और बिजली चले जाने का फायदा उठाकर कुछ नाबालिगों ने खिड़की उखाड़ दी।फरार हुए सभी 11 नाबालिग सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उन्हें चोरी, लूट, दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े अलग-अलग मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया था।
शहर में नाकाबंदी, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी कर दी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित ठिकानों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।पुलिस ने फरार नाबालिगों के गृह जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया है। साथ ही उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक साथ 11 नाबालिगों का फरार होना बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। खिड़की उखाड़ने जैसी घटना के बावजूद सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी नहीं होना और करीब एक घंटे तक किसी को भनक नहीं लगना सुरक्षा प्रबंधन की बड़ी चूक माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस का दावा है कि फरार नाबालिगों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही सभी को पकड़ लिया जाएगा। वहीं घटना के बाद संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर भी जांच की संभावना जताई जा रही है।

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