पब्लिक स्वर,रायगढ़। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा स्थित रायगढ़ इस्पात संयंत्र में बुधवार को फर्नेस से जुड़ा एक हादसा होने से चार मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद संयंत्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फर्नेस में अधिक नमी (मॉइश्चर) जमा होने के कारण गैस बनने और धुआं फैलने की स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इसे फर्नेस ब्लास्ट बताया जा रहा है, जबकि कंपनी प्रबंधन ने विस्फोट की बात से इनकार किया है।
ये मजदूर हुए घायल
हादसे में घायल मजदूरों की पहचान अमरेश कुमार, फिरोज आलम खान और रामनाथ सूर्यवंशी (जांजगीर-चांपा निवासी) के रूप में हुई है। एक अन्य घायल की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति स्थिर है, जबकि दो मजदूरों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही है।
प्रबंधन ने ब्लास्ट से किया इनकार
रायगढ़ इस्पात संयंत्र के जीएम सुनील पांडा ने बताया कि बरसात के मौसम में फर्नेस में उपयोग होने वाले कच्चे माल में नमी आ जाना सामान्य तकनीकी चुनौती होती है। उनके अनुसार, नमी युक्त सामग्री के फर्नेस में पहुंचने पर कभी-कभी गैस का निर्माण हो जाता है, जिससे अचानक धुआं और दबाव की स्थिति बन सकती है।
उन्होंने कहा कि गैस ऊपर की ओर निकलने से संयंत्र में धुआं तेजी से फैल गया, जिससे मजदूरों के बीच घबराहट फैल गई। इसी दौरान ऊंचाई पर काम कर रहे कुछ श्रमिकों ने घबराकर इधर-उधर छलांग लगा दी, जिसके कारण उन्हें चोटें आईं। जीएम ने स्पष्ट किया कि संयंत्र में किसी प्रकार का बड़ा विस्फोट नहीं हुआ है।
जांच में जुटी टीम
घटना के बाद उद्योग प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी अपेक्स अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वहीं औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम तथा पुलिस मौके पर पहुंचकर हादसे के कारणों की जांच में जुट गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना गैस फॉर्मेशन के कारण हुई या वास्तव में फर्नेस में ब्लास्ट जैसी स्थिति बनी थी।

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