पब्लिक स्वर,कोरबा। शहर के पुरानी बस्ती क्षेत्र में एक आवारा सांड का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार सुबह सांड के हमले में 55 वर्षीय एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें सांड व्यक्ति को सींगों से उठाकर जमीन पर पटकते हुए दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बाजार जाते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार घायल व्यक्ति की पहचान छोटे लाल श्रीवास (55 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बुधवार सुबह अपने घर से बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुरानी बस्ती के वार्ड क्रमांक-5 स्थित एक चौक के पास घूम रहे सांड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सांड ने पहले उन्हें सींगों से जोरदार टक्कर मारी और फिर उठाकर जमीन पर पटक दिया। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि सांड अचानक व्यक्ति पर हमला करता है और उन्हें कई फीट दूर पटक देता है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
4-5 दिनों में कई लोगों पर हमला
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सांड पिछले कई दिनों से बस्ती और आसपास के इलाकों में घूम रहा है। इस दौरान उसने राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर भी कई बार हमला किया है। बताया जा रहा है कि पिछले चार से पांच दिनों में छह से अधिक लोग इसके हमले में घायल हो चुके हैं। हालांकि अधिकांश घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया था।
दहशत में रहवासी, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी चिंता
लगातार हो रही घटनाओं के कारण इलाके में भय का माहौल है। रहवासियों का कहना है कि बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। लोगों ने नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
पार्षद ने निगम प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर वार्ड पार्षद तामेश अग्रवाल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से सांड को पकड़कर गौ सेवा केंद्र या पशु आश्रय गृह भेजने की मांग की है। पार्षद का कहना है कि यदि समय रहते सांड को नहीं पकड़ा गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की है।
आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या बनी चुनौती
कोरबा समेत प्रदेश के कई शहरों में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। सड़क और रिहायशी इलाकों में घूम रहे पशु न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पशु आश्रय गृहों की क्षमता बढ़ाने और नियमित निगरानी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

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