पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के “सुशासन तिहार” अभियान के दौरान तिल्दा-नेवरा में आयोजित समाधान शिविर प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा संदेश बनकर सामने आया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने ग्रामीणों की शिकायत सुनते ही बिलाड़ी के पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के निर्देश दे दिए। मामला एक छोटे किसान की जमीन को रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दर्ज किए जाने और उसे कई दिनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगवाने से जुड़ा था।
सोमवार को बीएनबी हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित समाधान शिविर में मंत्री टंकराम वर्मा और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल मौजूद रहे। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क, सफाई, बिजली, अतिक्रमण और राजस्व मामलों से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
किसान की शिकायत पर मंत्री का तत्काल एक्शन
शिविर के दौरान एक किसान ने बताया कि उसकी जमीन रिकॉर्ड में गलत तरीके से “निरंक” दर्ज कर दी गई, जिसके कारण उसे राजस्व विभाग के दफ्तरों के लगातार चक्कर लगाने पड़े। शिकायत सुनते ही मंत्री टंकराम वर्मा ने नाराजगी जताई और मंच से ही संबंधित पटवारी को निलंबित करने के आदेश दे दिए।
मंत्री ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि आम जनता को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर अब सीधे कार्रवाई होगी। उन्होंने राजस्व मामलों के लंबित रहने, अतिक्रमण और स्थानीय अपराधों को लेकर भी प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाई।
“लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं”
मंत्री टंकराम वर्मा ने शिविर में मौजूद अधिकारियों से कहा कि सुशासन तिहार केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सरकार जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान चाहती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयसीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
वहीं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के प्रति संवेदनशील रहें और छोटी-छोटी समस्याओं को लंबित न रखें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले आरंग में भी सांसद बृजमोहन अग्रवाल एक अधिकारी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगा चुके हैं।

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