पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर में दो अलग-अलग कार्रवाई में कुल 104 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तस्करी के इस नेटवर्क में महिलाएं और बच्चे भी इस्तेमाल किए जा रहे थे। ACCU और सरकंडा थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन से निकल रहे दो इलेक्ट्रिक ऑटो में छिपाकर ले जाए जा रहे 90 किलो गांजा के साथ 8 महिला तस्करों को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरी ओर जीआरपी ने गीतांजलि एक्सप्रेस से 14 किलो गांजा लेकर पहुंचे तीन युवकों को दबोच लिया। दोनों मामलों में पुलिस ने करीब 53.80 लाख रुपए का गांजा और वाहन जब्त किया है। शुरुआती जांच में ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते अन्य राज्यों तक फैले बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
कपड़ों की गठरियों में छिपाकर लाई गई 90 किलो गांजा की खेप
जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात ACCU की टीम शहर में चाकूबाजी के आरोपियों की तलाश में निकली हुई थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन की तरफ से दो इलेक्ट्रिक ऑटो सीपत रोड की ओर जा रहे हैं, जिनमें कुछ महिलाएं बड़ी मात्रा में गांजा लेकर जा रही हैं।
सूचना मिलते ही मोपका चौकी और सरकंडा पुलिस ने बिलासपुर-सीपत रोड स्थित सीमेंट कंपनी के पास घेराबंदी कर दोनों ऑटो को रोक लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को कपड़ों की गठरियों और प्लास्टिक की बोरियों के भीतर खाकी टेप से पैक किए गए गांजे के पैकेट मिले।पुलिस ने कुल 86 पैकेट जब्त किए, जिनका वजन लगभग 90 किलो निकला। गांजे की अनुमानित कीमत करीब 46.75 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए दोनों इलेक्ट्रिक ऑटो भी जब्त कर लिए हैं।
बच्चों को साथ रखकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक ऑटो में महिलाएं बच्चों के साथ सफर कर रही थीं, ताकि किसी को उन पर शक न हो। पूछताछ में सभी महिलाएं खुद को मजदूरी करने के लिए ओडिशा जाने वाली बता रही थीं। हालांकि पुलिस पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि मटियारी गांव की कई महिलाओं के लगातार ओडिशा आने-जाने की सूचना मिली थी। तकनीकी निगरानी और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। गिरफ्तार महिलाओं में अशोक बाई, नंद कुमारी, लक्ष्मी शिकारी, द्रोपती शिकारी, ग्यास बाई, गंगा सिंह, रम्मती शिकारी और इंद्राणी शामिल हैं। सभी महिलाएं सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मटियारी की निवासी हैं।
जीआरपी की अलग कार्रवाई: गीतांजलि एक्सप्रेस से 14 किलो गांजा बरामद
इधर बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने भी एक अलग कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। जीआरपी को सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 12860 गीतांजलि एक्सप्रेस से कुछ युवक गांजा लेकर बिलासपुर पहुंच रहे हैं।
ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंचते ही पुलिस ने संदिग्ध युवकों की घेराबंदी कर तलाशी ली। जांच में उनके बैग और शरीर पर बांधे गए तकिया जैसे कपड़ों के भीतर से 14 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के अमरावती निवासी शेख आवेश, आमिर पठान और सलमान शाह के रूप में हुई है। जब्त गांजे की कीमत करीब 7.05 लाख रुपए बताई जा रही है। जीआरपी ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ कॉरिडोर फिर चर्चा में
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजा तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। पिछले कुछ समय में रेलवे और सड़क मार्ग से कई खेप पकड़ी जा चुकी हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप किस सप्लायर से लाई गई थी और इसे आगे किन इलाकों में खपाने की तैयारी थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

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