पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड हिंदी परीक्षा पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और NSUI नेता वेणु उर्फ वेणु जंघेल को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी छात्रों से 3 हजार रुपए लेकर हिंदी का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था।
रायपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपी मूल रूप से बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का निवासी है, लेकिन रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रहकर नेटवर्क संचालित कर रहा था।
टेलीग्राम ग्रुप से हुआ था पेपर वायरल
जानकारी के मुताबिक, 13 मार्च 2026 की रात 12वीं बोर्ड हिंदी परीक्षा का प्रश्नपत्र एक टेलीग्राम ग्रुप पर वायरल हुआ था। अगले दिन 14 मार्च को परीक्षा आयोजित हुई, लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक की पुष्टि होने पर शिक्षा मंडल में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड ने हिंदी परीक्षा रद्द कर दी थी और दोबारा परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित कराई गई थी। इस घटना ने बोर्ड परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
पुलिस जांच में साइबर टीम की बड़ी भूमिका
प्रश्नपत्र लीक होने के बाद कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस उपायुक्त मध्य जोन के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी मोबाइल चैट, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके बाद साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से डिलीट किया गया डेटा रिकवर किया गया। पुलिस ने करीब 50 से ज्यादा छात्रों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। तकनीकी जांच, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई।
गिरफ्तारी से बचने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया कि वेणु जंघेल लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नष्ट करने की कोशिश की थी, ताकि डिजिटल सबूत खत्म किए जा सकें। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। लगातार निगरानी के बाद आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया।
रिमांड में मिले कई अहम सुराग
चार दिन की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पेपर लीक नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य संलिप्त लोगों को लेकर अहम जानकारी मिली है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
12वीं बोर्ड परीक्षा जैसे संवेदनशील सिस्टम में पेपर लीक की घटना ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए प्रश्नपत्र वायरल होने से यह भी साफ हुआ है कि संगठित तरीके से डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

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