अभनपुर post authorUser 1 11 February 2026

केंद्री धान खरीदी केंद्र अभनपुर में भारी अव्यवस्था: धान सड़ रहा, चूहे कुतर रहे बारदाने, खाद गोदाम में पड़ी सड़ रही – जिम्मेदार कौन?



post

पब्लिक स्वर,अभनपुर/रायपुर। रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र स्थित केंद्री धान खरीदी केंद्र में भारी अनियमितता और लापरवाही की स्थिति सामने आई है। धान के रख-रखाव, बारदाना संरक्षण, खाद भंडारण और दस्तावेज प्रबंधन में गंभीर अव्यवस्था देखी जा रही है। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब कुछ सुसायटी अध्यक्ष की जानकारी में होने के बावजूद सुधार नहीं किया जा रहा है।


धान स्टॉक असुरक्षित, चूहों से सैकड़ों टन को नुकसान

धान खरीदी का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन स्टॉक से धान उठाने की प्रक्रिया अत्यंत धीमी गति से चल रही है। परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में धान खुले या असुरक्षित ढंग से केंद्र में जमा है। धान के स्टैक को ढकने के लिए लगाए गए त्रिपाल ठीक से नहीं बांधे गए हैं। कई स्थानों पर त्रिपाल ढीले या खुले पड़े हैं, जिससे चूहों का प्रवेश आसान हो गया है। चूहे धान से भरे बारदानों को कुतर रहे हैं, जिससे सैकड़ों टन धान को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर धान का उठाव किया जाता और उचित भंडारण व्यवस्था होती तो इस प्रकार की क्षति रोकी जा सकती थी। यह भी आरोप है कि नुकसान दिखाकर लाखों रुपये के भ्रष्टाचार की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।


बारदाना और दस्तावेजों की भी उपेक्षा

धान के साथ-साथ बारदाना भी अव्यवस्थित स्थिति में पड़ा है। कई बोरे खुले में या असुरक्षित ढंग से रखे गए हैं।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि निरीक्षण पर्ची और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी रद्दी में फेंके जाने की बात सामने आई है। यदि यह सत्य है तो यह प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। दस्तावेजों का संरक्षण किसी भी खरीदी केंद्र की मूल जिम्मेदारी होती है।


किसान खाद के लिए परेशान, गोदाम में सड़ रही खाद

क्षेत्र के किसान इन दिनों उर्वरक खाद की कमी से जूझ रहे हैं। यूरिया, पोटाश और डीएपी के लिए किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है और कई बार मारा-मारी जैसी स्थिति बन जाती है। इसके विपरीत, केंद्री धान खरीदी सोसायटी के गोदाम में दर्जनों बोरी यूरिया, पोटाश और डीएपी खाद लंबे समय से पड़ी हुई है। उचित रख-रखाव के अभाव में खाद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और सड़ने की स्थिति में पहुंच रही है। यह स्थिति किसानों के साथ दोहरा अन्याय दर्शाती है—एक ओर कमी, दूसरी ओर अव्यवस्थित भंडारण।


अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल

पूरा मामला सुसायटी अध्यक्ष की निगरानी में होने के आरोप के साथ सामने आ रहा है। जनप्रतिनिधि होने के नाते यह उनका दायित्व है कि वे समय-समय पर खरीदी केंद्र का निरीक्षण करें, स्टॉक की स्थिति देखें, धान के सुरक्षित भंडारण और शीघ्र उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा खाद वितरण में पारदर्शिता बनाए रखें। यदि इतनी बड़ी मात्रा में धान और खाद को नुकसान हो रहा है तो निगरानी तंत्र की निष्क्रियता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।


तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और किसानों ने मांग की है कि जिला प्रशासन खाद्य विभाग एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर: धान स्टॉक का भौतिक सत्यापन करें।

क्षतिग्रस्त धान और बारदाना की जांच करें।

खाद के भंडारण एवं वितरण की समीक्षा करें।

दस्तावेजों के रख-रखाव की स्थिति स्पष्ट करें। 
जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करें।

यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला बड़े आर्थिक नुकसान और संभावित घोटाले का रूप ले सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और किसानों के हित में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।



PUBLICSWARNEWS CGNEWS CGPOLICENEWS ABHANPURNEWS KENDRINEWS ABHANPURKENDRINEWS KENDRIDHANKHARIDIKENDRANEWS DHANKHARIDIKENDRAMEBHARIAVYAVASTHANEWS DHASADRAHANEWS BARDANAKHARAHECHUHENEWS GODAMMESADRAHIKHADNEWS JIMMEDAARKAUNNEWS

You might also like!