पब्लिक स्वर,अभनपुर/रायपुर। रायपुर विशाखापट्टनम इकोनॉमिक्स कॉरिडोर में हुए मुआवजे घोटाले में आज 3 साल बाद भी आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो पिक एंड चूस का फॉर्मूला अपना कर कार्यवाही कर रही है।गौरतलब है कि पब्लिक स्वर ने लगातार भारतमला मुआवजा घोटाले को लेकर वर्ष 2024 से एक्सक्लूसिव खुलासों के साथ खबरें प्रकाशित कर रही है जिसके बाद कुछ अधिकारी,पटवारी और भू माफियाओं का चयन कर कार्यवाही की गई।
समझिए क्यों चयन कर कार्यवाही हो रही
दरअसल भारतमाला मुआवजा घोटाले में ग्राम कोलर में भू माफिया अन्नू तारक ने मौजूदा SDM जगन्नाथ वर्मा,तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू,पटवारी संजीत खुदशाह से मिलीभगत कर कई खसरों का विभाजन किया लेकिन आज तलक इन रसूखदारों पर EOW/ED ने कोई कार्यवाही नहीं की गई है।बताया जा रहा है कि भू माफिया ने भारतमाला मुआवजा घोटाले का ब्लैक मनी करोड़ों रुपए GOA में इन्वेस्ट किया है।साथ ही कुछ जगहों पर तो मृत भू स्वामी को भूमि को भी दूसरे के नाम पर रजिस्ट्री करवाने का मामला आ रहा जिसे जल्द पब्लिक स्वर की टीम प्रकाशित करेगी।
ग्राम कोलर में खसरा 128,305 सहित कई खसरों में मुआवजा घोटाला
आपको बता दें कि ग्राम कोलर में अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद किसानों को बरगलाकर खसरा 128 को 54 टुकड़ों में काटा गया और 305 को 24 टुकड़ों में काट कर 11.84 करोड़ का बंदरबांट कर लिया।वहीं कुछ गिने चुने नामों पर EOW कार्यवाही कर अपना उल्लू सीधा करते हुए नज़र आ रही है।
अब ED करेगी खुलासा?
कई वक्त बीत जाने के बाद भी परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की महत्वाकांक्षी योजना "भारतमाला परियोजना" को छत्तीसगढ़ ने अवैध कमाई का जरिया बना लिया है।तो क्या ED अब इस मामले में निष्पक्ष कार्यवाही करेगी यह देखने वाली बात होगी।
मामले में आगे के अपडेट के लिए बने रहे पब्लिक स्वर के साथ।

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