पब्लिक स्वर,बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टीला में एक 27 वर्षीय विवाहिता की जली हुई लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान डिलेश्वरी कुर्रे, पति सुरेंद्र कुर्रे के रूप में हुई है। घटना ने न सिर्फ ग्रामीणों को झकझोर दिया है, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब पुलिस जांच पर निर्भर है।
घटना का क्रम: घर से गायब, खेत में मिला शव
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन सुबह डिलेश्वरी अपने दो मासूम बच्चों (6 महीने और 4 साल) के साथ घर पर थी। पति सुरेंद्र कुर्रे अपनी बहन को छोड़ने गांव से बाहर गए थे, जबकि सास-ससुर भी एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने ग्राम सीतापार गए हुए थे।
दोपहर करीब 2 बजे जब सुरेंद्र घर लौटे, तो पत्नी घर पर नहीं मिली। घर में दोनों छोटे बच्चे अकेले थे, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई। आसपास तलाश के दौरान ग्रामीणों से सूचना मिली कि गांव के पास गंगाअमली पेड़ के समीप खेत में एक महिला का जला हुआ शव पड़ा है। मौके पर पहुंचकर सुरेंद्र ने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की।
नवरात्रि और विवाद: क्या बना ट्रिगर?
जांच के शुरुआती चरण में यह बात सामने आई है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि घर में आए मेहमानों के लिए नॉनवेज भोजन बनाने को लेकर बहस हुई थी। नवरात्रि पर्व के चलते डिलेश्वरी ने नॉनवेज बनाने से इनकार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। यह तथ्य पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण ‘ट्रिगर पॉइंट’ के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसे घटना का प्रत्यक्ष कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी।
मौके के संकेत: आत्महत्या या कुछ और?
घटनास्थल से मिट्टी के तेल के उपयोग के संकेत मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, शव का खेत में मिलना और महिला का घर से अचानक गायब होना कई संदेह भी पैदा करता है।परिजन और ग्रामीण भी घटना को संदिग्ध मान रहे हैं, जिसके चलते पुलिस ‘सुसाइड’, ‘एक्सीडेंट’ और ‘फाउल प्ले’—तीनों एंगल पर जांच कर रही है।
फोरेंसिक और पोस्टमार्टम: अहम कड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। पलारी थाना के एएसआई राजेश सेन के मुताबिक, “मर्ग कायम कर लिया गया है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।”
सामाजिक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य
यह घटना ग्रामीण समाज में पारिवारिक विवादों, धार्मिक मान्यताओं और घरेलू दबावों के बीच उत्पन्न तनाव को भी उजागर करती है। नवरात्रि जैसे धार्मिक अवसर पर खान-पान को लेकर मतभेद का इतना गंभीर रूप लेना एक व्यापक सामाजिक विमर्श की मांग करता है।
गांव में शोक, जांच पर नजर
करीब पांच साल पहले हुई शादी और दो छोटे बच्चों के साथ डिलेश्वरी की असामयिक मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच रिपोर्ट इस घटना को आत्महत्या साबित करती है या इसके पीछे कोई और सच्चाई सामने आती है।

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