पब्लिक स्वर,रायपुर। आचार्य रामभद्राचार्य को लेकर कांग्रेस नेताओं के कथित विवादित बयानों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता देवजी भाई पटेल ने कांग्रेस पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
देवजी भाई पटेल ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य देश और दुनिया में हिंदू धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य रामभद्राचार्य ने राम जन्मभूमि मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वे वेद, पुराण, रामायण, महाभारत सहित भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रख्यात विद्वान हैं। ऐसे संत के बारे में अमर्यादित टिप्पणी करना न केवल उनके व्यक्तित्व का अपमान है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी आहत करता है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता पार्टी संगठन में पद हासिल करने और शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं द्वारा लगातार हिंदू धर्म और संत-महात्माओं को निशाना बनाया जाता है, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ रही है।
देवजी भाई पटेल ने आचार्य रामभद्राचार्य के सामाजिक और शैक्षणिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना की, हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी आचार्य रामभद्राचार्य द्वारा जरूरतमंदों की सहायता के लिए व्यापक स्तर पर सेवाकार्य किए गए।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से आचार्य रामभद्राचार्य के योगदान और उपलब्धियों का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में कांग्रेस को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और विवादित टिप्पणियों पर सामूहिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
देवजी भाई पटेल ने कहा कि देश की संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है तथा सार्वजनिक जीवन में संतों और धार्मिक व्यक्तित्वों के प्रति मर्यादित भाषा का प्रयोग होना चाहिए।

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