पब्लिक स्वर,नई दिल्ली/ कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 का बेसब्री से इंतजार कर रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। पांच साल के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार यह पवित्र यात्रा एक बार फिर से शुरू हो गई है। शुक्रवार को "हर-हर महादेव" के जयकारों के बीच पहला जत्था रवाना हुआ। कोविड महामारी के कारण 2019 के बाद से इस यात्रा पर रोक लगी थी, जिसे अब फिर से शुरू कर दिया गया है।
विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक विशेष समारोह में इस यात्रा की विधिवत शुरुआत की गई। विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने जवाहरलाल नेहरू भवन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी रखती है। उन्होंने इस यात्रा को पुनः शुरू करने में सहयोग देने के लिए चीनी प्रशासन समेत विभिन्न भारतीय मंत्रालयों की सराहना की।
यात्रा का कार्यक्रम और व्यवस्था
इस वर्ष 15 जून से 25 अगस्त 2025 तक चलने वाली यह यात्रा उत्तराखंड और सिक्किम मार्गों से करवाई जा रही है। कुल 750 तीर्थयात्रियों का चयन किया गया है, जिन्हें 50-50 यात्रियों के पांच बैच में भेजा जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार, धर्मार्थ कार्य विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों को वातानुकूलित भवनों में ठहराया जा रहा है, जहां एक समय में 288 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। इसके साथ ही उन्हें पर्यटन साहित्य और किट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
धार्मिक महत्व
कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों में विशेष महत्व है। यह स्थल भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस यात्रा का हिस्सा बनते हैं।

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