पब्लिक स्वर,नई दिल्ली/ क्रिकेट के मैदान पर विराट कोहली सिर्फ रन नहीं बनाते, वो इतिहास गढ़ते हैं। एक बार फिर उन्होंने ऐसा ही कर दिखाया है। भले ही विराट ने पिछले एक साल से कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला हो और 2024 में टी20 से और 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन इसके बावजूद उनकी धमक आईसीसी की ताजा टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में देखने को मिली है।
आईसीसी ने 16 जुलाई 2025 को जो ताजा रैंकिंग जारी की है, उसमें विराट कोहली को टी20 इंटरनेशनल में 909 रेटिंग प्वाइंट मिले हैं। ये आंकड़ा न केवल उनकी निरंतरता और क्लास को दर्शाता है, बल्कि उन्हें क्रिकेट इतिहास में खास मुकाम पर भी पहुंचाता है।
कोहली का ‘कोहली बेंचमार्क’
विराट कोहली अब दुनिया के पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में 900+ रेटिंग प्वाइंट हासिल किए हैं। इसे अब ‘कोहली बेंचमार्क’ कहा जा रहा है। टेस्ट में उनके नाम 911, वनडे में 937 और अब टी20 में 909 प्वाइंट दर्ज हैं। यह उपलब्धि अब तक किसी और खिलाड़ी को नहीं मिली है।
टी20 से रिटायरमेंट के बाद भी बना रिकॉर्ड
कोहली का यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने टी20 से संन्यास लेने के बाद यह रेटिंग हासिल की है। यानी उनके आखिरी टी20 प्रदर्शन को आईसीसी ने इतना ऊंचा आंका कि उन्हें इतिहास में दर्ज करना पड़ा। यह दर्शाता है कि विराट की बल्लेबाजी का असर केवल मैदान पर ही नहीं, आंकड़ों में भी गूंजता है।
1202 दिनों तक रहे नंबर-1
विराट कोहली ने 7 सितंबर 2014 को करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की थी और वो 1202 दिनों तक टी20 के नंबर-1 बल्लेबाज बने रहे थे। अब 909 प्वाइंट्स के साथ वह टी20 इतिहास में तीसरी सर्वश्रेष्ठ रेटिंग हासिल करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे ऊपर सिर्फ डेविड मलान (919) और सूर्यकुमार यादव (912) हैं।
वनडे में दिखेगा अगला जलवा
अब जबकि विराट टेस्ट और टी20 से संन्यास ले चुके हैं, उनके फैंस की नजरें वनडे फॉर्मेट पर टिकी हैं। बांग्लादेश के खिलाफ अगस्त की सीरीज रद्द हो चुकी है, लेकिन अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में विराट की वापसी की उम्मीद है। अगर इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज होती है, तो उसमें भी विराट एक्शन में दिख सकते हैं।
क्रिकेट की कहानी में अमिट नाम
विराट कोहली केवल एक खिलाड़ी नहीं, क्रिकेट का चलती-फिरती किताब हैं। उनके आंकड़े, उनकी उपलब्धियां और उनका जुनून आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल है। संन्यास के बाद भी उन्होंने जो रैंकिंग हासिल की, वह दर्शाता है कि ‘किंग कोहली’ का युग अभी खत्म नहीं हुआ—बल्कि वह क्रिकेट की आत्मा में हमेशा जिंदा रहेगा।

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