पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी शहर के नयापारा वार्ड में बुधवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 26 वर्षीय युवक संयम वाधवानी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद भी उसके माता-पिता ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए अपने इकलौते बेटे का नेत्रदान करने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, संयम अपने पिता विजय वाधवानी की रिसाईपारा स्थित किराने की दुकान में मदद करता था। घटना के समय पिता किसी रिश्तेदार के शोक कार्यक्रम में गए हुए थे, जबकि पत्नी दुकान पर थीं और संयम घर पर अकेला था। इसी दौरान उसने अपने घर के आंगन में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया।
परिवार के लौटने पर घटना का पता चला, जिसके बाद पूरे मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई। बेटे की मौत से व्यथित माता-पिता ने उसकी आंखें दान करने का निर्णय लिया ताकि उनकी आंखों से किसी और की दुनिया रोशन हो सके। सूचना मिलने पर जिला अस्पताल की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमॉर्टम के दौरान संयम की आंखों को सुरक्षित निकालकर मेडिकल कॉलेज रायपुर भेजा गया।
सामाजिक संगठनों और मोहल्ले के लोगों ने परिवार के इस निर्णय की सराहना की।
सिंधी समाज के सदस्य अशोक कुमार चारवानी ने कहा – “नेत्रदान सबसे बड़ा महादान है। संयम की आंखें अब किसी और की जिंदगी में उजाला लाएंगी।”
जिला अस्पताल के डॉक्टर त्वजश शाह ने पुष्टि की कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। उन्होंने कहा कि परिवार का नेत्रदान का निर्णय प्रेरणादायक है और यह कदम समाज के लिए एक उदाहरण है।

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