पब्लिक स्वर, अभनपुर। आखिरकार वह दिन आ ही गया जब भारतमाला मुआवजा घोटाले में लंबे समय से घिरे नामों पर कार्रवाई की गाज गिरनी शुरू हो गई। अभनपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित तौर पर 13 करोड़ रुपए के मुआवजा घोटाले में शामिल गोपाल गांधी के ठिकानों पर छापेमारी कर पूरे मामले में हलचल मचा दी है।
यह वही घोटाला है जिसे पब्लिक स्वर ने साल 2023 से लगातार उजागर किया, लेकिन तब जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी थीं। अब जब ED ने दस्तक दी है, तो कई बड़े नामों की नींद उड़ना तय है।
परिवार के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी!
सूत्रों के मुताबिक, गोपाल गांधी ने अपने ही परिवार के सदस्यों के नाम पर फर्जी तरीके से मुआवजा राशि निकालकर शासन को करीब 13 करोड़ रुपए की चपत लगाई। सवाल यह है कि इतने बड़े घोटाले के दौरान प्रशासनिक मशीनरी आखिर क्या कर रही थी?
क्या बच जाएंगे बड़े चेहरे?
इस पूरे घोटाले में एक और बड़ा नाम अन्नू तारक का सामने आता रहा है, जिसे “मुख्य किरदार” बताया जाता है। लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे बड़ा सवाल:क्या राजनीतिक पनाह मिलते ही पाप धुल जाते हैं?
क्या भाजपा में एंट्री लेने के बाद अन्नू तारक पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी?
अफसरों की भूमिका पर क्यों सन्नाटा?
घोटाले की जड़ें सिर्फ दलालों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रशासनिक अफसरों की भूमिका भी गंभीर सवालों के घेरे में है।
1.पूर्व तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू
2.अन्य संबंधित तहसीलदार
3.तत्कालीन SDM जगन्नाथ वर्मा
इन सभी पर कोलर क्षेत्र में पहले हुए घोटाले में अहम भूमिका के आरोप लगे, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ED की एंट्री से खुलेंगे कई राज
ED की जांच शुरू होते ही अब फाइलों में दबे सच बाहर आने की उम्मीद है। जिन लोगों ने सिस्टम का दुरुपयोग कर करोड़ों की बंदरबांट की, उनके खिलाफ क्या वाकई कड़ी कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी राजनीतिक दबाव में ठंडा पड़ जाएगा?
जनता का सवाल:कब होगी असली सफाई?
क्या सिर्फ छोटे खिलाड़ियों पर कार्रवाई होगी या असली “बड़े मगरमच्छ” भी कानून के शिकंजे में आएंगे?
पब्लिक स्वर लगातार इस घोटाले की परतें खोलता रहेगा… क्योंकि सवाल सिर्फ 13 करोड़ का नहीं, सिस्टम की साख का है।

User 1














