पब्लिक स्वर,रायपुर/अभनपुर/कुरुद। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में आखिरकार जांच एजेंसियों की सक्रियता तेज हो गई है। लंबे समय से विवादों में रहे इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अभनपुर में गोपाल गांधी के ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है।
कुरुद तक पहुंची जांच की आंच
ED की कार्रवाई अब रायपुर और अभनपुर से आगे बढ़ते हुए धमतरी जिले के कुरुद तक पहुंच गई है। यहां टीम ने भूपेंद्र चंद्राकार के निवास पर दबिश दी। भूपेंद्र, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकार के चचेरे भाई बताए जा रहे हैं। सुबह तीन गाड़ियों में पहुंचे दर्जनभर से अधिक अधिकारियों ने घर को घेरकर जांच शुरू की। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
कई तहसीलों में घोटाले के आरोप
ED और EOW को मिली शिकायतों के मुताबिक, भूपेंद्र चंद्राकार पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ अभनपुर, बल्कि अन्य तहसीलों में भी अपने करीबियों के नाम पर करोड़ों रुपए का मुआवजा दिलवाया। विभागीय सूत्रों के अनुसार अभनपुर के कायाबांधा में ही करोड़ों का मुआवजा प्राप्त किया गया। इसके अलावा दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड तहसीलों में भी इसी तरह की अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।

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