पब्लिक स्वर,अभनपुर-नवापारा। अभनपुर के पास स्थित ग्राम चिपरीडीह में इस वर्ष अक्ती तिहार पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। गांव में आयोजित इस पर्व ने एक बार फिर ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की झलक पेश की। गांव में करीब चार अलग-अलग स्थानों पर अक्ती तिहार के आयोजन किए गए, जहां बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन आयोजनों में बुजुर्ग, युवा और महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल हुए, जिससे पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
कार्यक्रम की सबसे खास बात रही पारंपरिक गाड़ी-बैल के साथ निकली बारात, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। सजी हुई बैलगाड़ी, पारंपरिक परिधान और लोकगीतों के साथ निकली यह बारात ग्रामीण जीवन की पुरानी परंपराओं को जीवंत करती नजर आई। बच्चों द्वारा प्रतीकात्मक विवाह की रस्में भी निभाई गईं, जो अक्ती तिहार की सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाती हैं।
अक्ती तिहार, जिसे अक्षय तृतीया के रूप में जाना जाता है, छत्तीसगढ़ में विवाह और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चिपरीडीह में इस परंपरा को सहेजते हुए नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से यह आयोजन सफल और यादगार बना। इस तरह ग्राम चिपरीडीह में मनाया गया अक्ती तिहार सामाजिक समरसता और परंपराओं के संरक्षण का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

User 1















