पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक स्थित बेलमुण्डी गांव में शासकीय स्कूल परिसर की जमीन पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव के नागरिकों, पालकों और युवाओं ने इस मामले में प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की जमीन पर कब्जा बच्चों की शिक्षा और गांव के भविष्य पर सीधा असर डालेगा।
मामले को लेकर गांव में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि स्कूल की भूमि पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन और जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग फर्जी तरीके से स्कूल परिसर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। स्कूल परिसर में भविष्य में अतिरिक्त कक्ष, खेल मैदान और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार की संभावना रहती है, ऐसे में जमीन कम होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूल पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। यदि स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण होने लगे तो आने वाले समय में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित होंगी। इसलिए प्रशासन को इस मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल भूमि का तत्काल सीमांकन कराया जाए, परिसर को सुरक्षित किया जाए और कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही स्कूल परिसर की सुरक्षा बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों पर निगरानी रखने की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो वे बड़े जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि गांव के स्कूलों और सार्वजनिक जमीनों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और बच्चों के शिक्षा अधिकार से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

User 1












