पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को 60 नए उप निरीक्षक (SI) मिले हैं। बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन अधिकारियों को अब व्यावहारिक प्रशिक्षण (फील्ड ट्रेनिंग) के लिए शहर के विभिन्न थानों में तैनात किया गया है। इस संबंध में रायपुर पुलिस कमिश्नर द्वारा पदस्थापना आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण व्यवस्था के तहत नए SI को वास्तविक पुलिसिंग का अनुभव देने के उद्देश्य से अलग-अलग थानों में भेजा गया है। यहां वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच, शिकायतों के निराकरण, थाना संचालन और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की बारीकियां सीखेंगे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अनुभवी थाना प्रभारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलेगा।
इन थानों में सबसे ज्यादा पदस्थापना
जारी आदेश के अनुसार, शहर के कई प्रमुख और व्यस्त थानों में तीन-तीन SI की पदस्थापना की गई है। इनमें खम्हारडीह, खमतराई, कबीर नगर, गोलबाजार, मोहदापारा, कोतवाली, सिविल लाइन, टिकरापारा, पंडरी, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, डीडी नगर, उरला, तेलीबांधा, आमानाका, आजाद चौक और गंज थाना शामिल हैं। वहीं गुढ़ियारी, मुजगहन, सरस्वती नगर और देवेंद्र नगर थाना में दो-दो SI को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। इन थानों का चयन कार्यभार, अपराध की प्रकृति और प्रशिक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशिक्षण?
पुलिसिंग केवल कानूनी प्रावधानों की जानकारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें संवेदनशील मामलों का निपटारा, अपराध अनुसंधान, समुदाय के साथ संवाद और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने जैसी जिम्मेदारियां भी शामिल होती हैं। ऐसे में बेसिक ट्रेनिंग के बाद फील्ड स्तर पर दिया जाने वाला यह व्यावहारिक प्रशिक्षण नए अधिकारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान SI को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, जांच की तकनीक, साक्ष्य संग्रह, कानून-व्यवस्था ड्यूटी, साइबर अपराधों की प्रारंभिक जांच, महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों के निपटारे सहित कई विषयों पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।
पुलिस व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि रायपुर जैसे तेजी से विस्तार कर रहे शहर में पुलिस बल की संख्या और दक्षता दोनों महत्वपूर्ण हैं। 60 नए SI की तैनाती से न केवल थानों में कार्यभार का बेहतर वितरण हो सकेगा, बल्कि जांच और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में भी गति आएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये अधिकारी भविष्य में स्वतंत्र रूप से थाना और जांच संबंधी जिम्मेदारियां संभालने के लिए अधिक सक्षम बनेंगे। इससे रायपुर कमिश्नरेट की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम नागरिकों को पुलिस सेवाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिल सकेगा।

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