पब्लिक स्वर,दुर्ग। नशे के कारोबारियों के नए-नए हथकंडों के बीच दुर्ग पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसमें गांजे की तस्करी के लिए कार के दरवाजों को ही गुप्त ठिकाने में बदल दिया गया था। कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक क्रेटा कार से 14.5 किलो गांजा बरामद किया है। तस्करों ने गांजे को कार के चारों दरवाजों के भीतर बनाए गए विशेष सीक्रेट चेंबर में छिपा रखा था, ताकि सामान्य जांच में पुलिस को इसकी भनक न लग सके। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ओडिशा से दुर्ग-भिलाई तक सप्लाई की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की खेप लेकर कुछ तस्कर महासमुंद और रायपुर होते हुए दुर्ग-भिलाई क्षेत्र पहुंचने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना कुम्हारी पुलिस और एसीसीयू-क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई और कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी कर वाहन चेकिंग शुरू की।
चेकिंग के दौरान रायपुर की ओर से आ रही क्रेटा कार (CG 04 HX 6908) को रोककर उसकी तलाशी ली गई। प्रारंभिक जांच में वाहन से गांजे जैसी गंध आने पर पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद कार की गहन जांच की गई।
दरवाजों के अंदर बनाया गया था गुप्त नेटवर्क
जांच में सामने आया कि तस्करों ने कार के चारों दरवाजों के अंदर मौजूद खाली जगह को संशोधित कर सीक्रेट चेंबर का रूप दे दिया था। इन चेंबरों में गांजे के पैकेट भरकर ऊपर से फाइबर शीट चिपका दी गई थी, जिससे बाहर से देखने पर दरवाजे सामान्य दिखाई दें। पुलिस ने तकनीकी तरीके से दरवाजों को खोलकर जांच की, जहां से कुल 14.5 किलो गांजा बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ की बाजार कीमत करीब 7.25 लाख रुपए आंकी गई है।
तस्करी के बदलते तरीके पुलिस के लिए चुनौती
यह मामला इस बात का संकेत है कि नशा तस्कर अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर वाहनों में विशेष मॉडिफिकेशन कर पुलिस की निगाहों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में ईंधन टैंक, डैशबोर्ड, सीटों और बॉडी पैनल के भीतर मादक पदार्थ छिपाने के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन दरवाजों के भीतर बनाए गए चेंबर का इस्तेमाल तस्करी के लिए कम ही देखने को मिलता है।
सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजे की खेप किस स्थान से लाई गई थी, इसका अंतिम गंतव्य क्या था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर जल्द ही तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचने की संभावना है। फिलहाल, इस कार्रवाई को दुर्ग जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

User 1









