पब्लिक स्वर,बलौदाबाजार। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पैकेज्ड पानी की मांग तेजी से बढ़ जाती है, और इसी के साथ बाजार में अमानक व बिना मानक के उत्पादों की खपत का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने क्षेत्र में संचालित वाटर प्लांट्स पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान विकासखंड सिमगा के ग्राम केसदा स्थित सिद्धि विनायक बेवरेज वाटर प्लांट में नियमों का उल्लंघन पाया गया। टीम ने पाया कि 250 मिली के पानी पाउच, जो बाजार में विक्रय के लिए तैयार थे, उनके लेबल पर न तो उत्पाद निर्माण तिथि अंकित थी और न ही बैच नंबर का उल्लेख किया गया था। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार यह दोनों जानकारियां अनिवार्य होती हैं, ताकि उत्पाद की ट्रेसबिलिटी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 200 बोरी पानी पाउच जब्त कर लिए। प्रत्येक बोरी में 40 पाउच मौजूद थे, यानी कुल मिलाकर बड़ी मात्रा में अमानक उत्पाद बाजार में जाने से पहले ही रोक लिए गए। साथ ही, उत्पाद का विधिक नमूना लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है, जहां इसकी गुणवत्ता की विस्तृत जांच की जाएगी।
यह कार्रवाई अभिहित अधिकारी अक्षय कुमार सोनी के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा की गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्ट में उत्पाद मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों है यह मामला गंभीर?
गर्मी के मौसम में पानी की खपत बढ़ने के कारण सस्ते और बिना प्रमाणित पैकेज्ड पानी की सप्लाई तेजी से बढ़ती है। ऐसे में बिना लेबल या अधूरी जानकारी वाले उत्पाद न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं। बैच नंबर और निर्माण तिथि का अभाव होने से किसी भी प्रकार की शिकायत या बीमारी की स्थिति में स्रोत की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
प्रशासन का संदेश
जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस तरह के निरीक्षण और तेज किए जाएंगे। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल मानक और प्रमाणित पैकेज्ड पानी का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना प्रशासन को दें।

User 1











