पब्लिक स्वर,बिलासपुर। खरीफ सीजन से पहले किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने के प्रशासनिक दावों के बीच बिलासपुर जिले में खाद विक्रय में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने रतनपुर क्षेत्र में औचक जांच अभियान चलाया, जिसमें एक दुकान से करीब 180 क्विंटल अमानक उर्वरक जब्त किया गया। मामले के सामने आने के बाद कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग की टीम ने रतनपुर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित कई सहकारी समितियों और निजी कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अभिलेखों में गड़बड़ी, भंडारण नियमों का उल्लंघन और खाद की गुणवत्ता संबंधी अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद संबंधित संस्थाओं और विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
इन संस्थानों की हुई जांच
जांच अभियान के दौरान टीम ने: सेवा सहकारी समिति चपोरा, महेश्वरी कृषि केंद्र रतनपुर, मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट रतनपुर, सेवा सहकारी समिति रतनपुर, उन्नत कृषि सेवा केंद्र रतनपुर का निरीक्षण किया।
180 क्विंटल अमानक खाद पर रोक
कृषि विभाग के मुताबिक, मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट रतनपुर में बड़ी मात्रा में एनपीके 20:20:0:13 उर्वरक भंडारित पाया गया, जिसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 180 क्विंटल खाद के विक्रय पर रोक लगा दी है।
किसानों के हितों से समझौता नहीं: कृषि विभाग
कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमानक खाद, बीज या अन्य कृषि सामग्री बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को खरीफ सीजन से पहले कृषि बाजार में निगरानी बढ़ाने की बड़ी पहल माना जा रहा है। विभाग अब अन्य क्षेत्रों में भी जांच अभियान तेज करने की तैयारी में है, ताकि किसानों को नकली या घटिया कृषि सामग्री से बचाया जा सके।

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