पब्लिक स्वर,सूरजपुर। सूरजपुर जिले में अपने लंबित भुगतान की मांग को लेकर सैकड़ों मजदूर सोमवार से जिला पंचायत कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। मजदूरों का आरोप है कि तालाब गहरीकरण और पुलिया निर्माण जैसे विकास कार्यों को पूरा करने के बावजूद उन्हें पिछले दो वर्षों से उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान नहीं मिलने से नाराज मजदूरों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन शुरू कर दिया है।
धरने पर बैठे मजदूरों की प्रमुख मांग वर्ष 2021-22 और 2023-24 के लंबित भुगतान को तत्काल जारी करने की है। प्रदर्शन में बरपटिया, दुलदुली, अमनदोन, घाटपेण्डारी, गोरगी और चन्दौरा समेत कई गांवों के श्रमिक शामिल हुए हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने शासन के निर्देशानुसार विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों में श्रम दिया, लेकिन आज तक उन्हें उनकी मेहनत की पूरी राशि नहीं मिल सकी है।
मजदूरों के अनुसार, भुगतान के लिए वे लंबे समय से जिला पंचायत और संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार हो रही देरी से श्रमिकों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। धरना स्थल पर पहुंचे आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शिवभजन सिंह मराबी ने मजदूरों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि श्रमिकों को उनके परिश्रम का उचित भुगतान समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित राशि जारी करने की मांग की।
धरने पर बैठे मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा। फिलहाल जिला पंचायत प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, जिला पंचायत कार्यालय के सामने जारी धरने के कारण क्षेत्र में हलचल बनी हुई है और सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

User 1













