पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत घरेलू, कृषि और बीपीएल श्रेणी के लाखों उपभोक्ताओं को पुराने बकाया बिजली बिलों में विशेष छूट और राहत का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को 30 जून 2026 तक ‘मोर बिजली’ एप के माध्यम से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
राज्य सरकार और बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, योजना को उपभोक्ताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। केवल रायपुर जिले में ही अब तक 30 हजार से अधिक उपभोक्ता पंजीयन करा चुके हैं। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक इन उपभोक्ताओं को मिलाकर करीब 40 लाख रुपये तक की राहत मिलने की संभावना है।
क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना?
यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए लाई गई है जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं। सरकार का उद्देश्य एक ओर उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देना है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से लंबित बिजली बकाया की वसूली को आसान बनाना भी है। योजना के तहत पंजीयन कराने के बाद उपभोक्ता के बकाया बिल का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित मानकों और श्रेणी के अनुसार छूट की राशि तय की जाएगी।
30 जून तक ही मिलेगा पंजीयन का मौका
बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए 30 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसी अवधि में प्राप्त आवेदनों के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। अंतिम आंकड़े और कुल राहत राशि का आकलन भी पंजीयन अवधि समाप्त होने के बाद ही जारी किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि अगले एक महीने में पंजीयन की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो सकती है, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
घर बैठे ऐसे करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है।
पंजीयन की प्रक्रिया
1. मोबाइल में ‘मोर बिजली’ एप डाउनलोड करें।
2. एप खोलने पर योजना से संबंधित विज्ञापन या लिंक दिखाई देगा।
3. उस पर क्लिक कर आवेदन फॉर्म खोलें।
4. उपभोक्ता क्रमांक, नाम, बिजली बिल संबंधी जानकारी और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
5. जानकारी सबमिट करते ही पंजीयन पूरा हो जाएगा इसके बाद आवेदन की जांच कर उपभोक्ता की श्रेणी के अनुसार छूट निर्धारित की जाएगी।
सरकार और उपभोक्ताओं दोनों को होगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना दोहरे लाभ वाली साबित हो सकती है। एक तरफ बकाया बिलों के बोझ से परेशान उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ बिजली कंपनी को लंबे समय से लंबित करोड़ों रुपये की राशि की वसूली में मदद मिलेगी। इससे राजस्व संग्रह बढ़ेगा और बिजली वितरण व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार ने पात्र उपभोक्ताओं से समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि वे इस विशेष राहत योजना का लाभ उठा सकें।

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