पब्लिक स्वर,कांकेर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के इरागांव में एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों के एक समूह ने मृतिका पर धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए गांव में अंतिम संस्कार का विरोध किया, जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, इरागांव निवासी गणेशिया नेताम का बीमारी के बाद निधन हो गया था। परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और उन्होंने आरोप लगाया कि मृतिका ने धर्म परिवर्तन कर लिया था। इसी आधार पर कुछ ग्रामीणों ने गांव में अंतिम संस्कार किए जाने का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला विवाद का रूप लेने लगा और दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई। गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया, जिससे स्थिति बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलने के बाद भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख पुलिस बल के साथ तत्काल इरागांव पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की। काफी देर तक चली समझाइश और चर्चा के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। पुलिस की मौजूदगी में मृतिका के परिजन शव को अन्य स्थान पर ले जाकर अंतिम संस्कार करने पर सहमत हो गए, जिसके बाद विवाद शांत हुआ।
गांव में अब भी तनाव, पुलिस की निगरानी जारी
हालांकि तत्काल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस गांव में निगरानी बनाए हुए है। प्रशासन ने भी लोगों से शांति, सौहार्द और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा मामला
धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े मामलों में अक्सर सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में प्रशासन की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने की होती है। इरागांव की घटना में भी पुलिस की समय पर हस्तक्षेप से संभावित तनाव को बढ़ने से रोका जा सका। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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